खेल मंत्रालय द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ को किया निलंबित, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को कुश्ती संघ चलाने के लिए पैनल बनाने का दिया निर्देश
Last Updated: दिसम्बर 24, 2023 " 05:41 अपराह्न"
नई दिल्ली। आज रविवार 24 दिसंबर के दिन सुबह से ही भारतीय कुश्ती संघ (WFI) काफी चर्चाओं में रहा है, इस मामले में सबसे बड़ा बयान खेल मंत्रालय की ओर से आया।
उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए हलही में नव निर्वाचित कुश्ती संघ को भंग कर दिया है, इसका मतलब है कि हाल ही में चुनाव जीतकर अध्यक्ष बनने वाले संजय सिंह निलंबित हो गए हैं।
इसके बाद एक बार फिर रेसलिंग से संन्यास ले चुकीं साक्षी मलिक और पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह चर्चाओं में आ गए हैं। मगर इसी बीच इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने भी एक बड़ा फैसला करते हुए इस पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है।
48 घंटे में बनेगी नई एड हॉक कमेटी,
IOA ने भारतीय कुश्ती संघ को लेकर एक नई एड हॉक कमेटी (Ad Hock Committee) बनाने का ऐलान किया है, यह कमेटी 48 घंटे में बन जाएगी, इस कमेटी का काम WFI की हर दिन की गतिविधियों पर ध्यान रखना रहेगा, इसके बाद वो अपनी रिपोर्ट तैयार कर IOA को सौंपेगी।
कुश्ती संघ भंग होने पर साक्षी मलिक का आया बयान-
केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ को निलंबित करने पर पहलवान साक्षी मलिक की प्रतिक्रिया आ गई है। उन्होंने कहा कि यह पहलवानों की बेहतरी के लिए हुआ है। हम तो कह रहे थे कि यह बेटियों और बहनों की लड़ाई है, यह पहला कदम है। उम्मीद करूंगी की सरकार और हमारे पक्ष में कदम उठाएगी। साक्षी ने कहा कि हम चाहते हैं कि कुश्ती संघ की अध्यक्ष महिला हो। एक अच्छा कुश्ती संघ हो और आगे आने वाली बच्चियां सुरक्षित रहें।
साक्षी मलिक ने कहा कि हमारी सरकार से कोई लड़ाई नहीं है। लड़ाई सिर्फ एथलीट्स के लिए थी। मुझे बच्चों की चिंता है। हमारी लड़ाई महिला पहलवानों के लिए है, जो कुश्ती संघ में बेटियां खेल रही हैं उनके लिए है। यह लड़ाई हम अपने तरीके से लड़ रहे हैं। मैंने तो संन्यास का ऐलान कर दिया है। मैं बस यही चाहूंगी कि जो आने वाली बेटियां हैं उनको न्याय मिले।
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने नव निर्वाचित कुश्ती संघ को भंग कर दिया है। इससे पहले 21 दिसंबर को WFI का चुनाव खत्म होने के बाद से ही विवाद जारी था। साक्षी मलिक ने संघ के इस चुनाव पर ऐतराज जताते हुए प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अपने जूते निकालकर मेज पर रख दिए थे और कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया था। विवादों के बीच रविवार को मंत्रालय ने नव निर्वाचित कुश्ती संघ को भंग का फैसला लिया।
बता दें कि संजय सिंह को बृजभूषण शरण सिंह का करीबी माना जाता है, ऐसे में उनकी जीत के बाद पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया था, जबकि बजरंग पूनिया ने सरकार को अपना पद्मश्री अवार्ड वापस लौटा दिया था।