देशभर के श्री कृष्ण मंदिरों में उमड़े भक्त, मथुरा से द्वारका तक जन्माष्टमी का उत्सव
Last Updated: अगस्त 27, 2024 " 09:03 पूर्वाह्न"
Krishna Janmashtami: सोमवार मध्यरात्रि रात्रि 12 बजे घड़ी की दोनों सुइयों का जैसे ही संगम हुआ, भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर ब्रज में कान्हा के जन्म का उद्घोष हो उठा। इसके बाद नटवर नागर के जन्मोत्सव के देश और दुनिया में लाखों श्रद्धालु साक्षी बने। अजन्मे के जन्म पर मंत्रोच्चारण के बीच जोर शोर से शंखनाद हुआ, तो मानो ब्रज की लता-पता भी झूम उठीं हो। पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया हर तरफ श्रद्धालु कान्हा की भक्ति में रंगे दिखे जन्माष्टमी के अवसर पर सभी मंदिर रंग-बिरंगी लाइट से जगमगा रहे हैं। यह भगवान कृष्ण का 5251वां जन्मोत्सव है।
मथुरा से द्वारका तक जन्माष्टमी का जश्न
यूं तो जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में ही पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन मथुरा-वृंदावन, जगन्नाथ पुरी, द्वारकाधीश मंदिर और सभी इस्कॉन मंदिरों में जन्माष्टमी के पर्व का विशेष महत्व है. इस कारण यहां इस पर्व की विशेष धूम रहती है. इन स्थानों पर जन्माष्टमी के दौरान भव्य सजावट, भक्तिमय संगीत और विशेष आरतियां की जाती हैं. भक्तजन दूर-दूर से इन मंदिरों में आकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करते हैं और उनके जन्म का पर्व मनाते हैं. इन मंदिरों में जन्माष्टमी के दौरान आयोजित होने वाले उत्सवों में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं।
मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मभूमि
मथुरा में जन्माष्टमी का मुख्य आकर्षण केंद्र श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर है. भव्य तैयारियां के साथ श्रीकृष्ण के जन्म के समय श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विशेष पूजा हुई.भगवान कृष्ण की मूर्ति को रत्नजड़ित आभूषण, पीले वस्त्र और मुकुट पहनाया गया।
वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. मंदिर में भगवान बांके बिहारी को कई तरह के आभूषण पहनाए गए हैं. मंदिर में भक्त भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम कर रहे हैं।
द्वारकाधीश मंदिर
द्वारकाधीश मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है. द्वारका को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी माना जाता है. इसलिए यहां जन्माष्टमी का पर्व विशेष महत्व रखता है. भगवान द्वारकाधीश को मन मोह लेने वाले आभूषण और वस्त्र पहनाए गए हैं. गुजरात के श्री द्वारकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी पर मंदिर में विशेष पूजा अर्चना हो रही है.
जगन्नाथ पुरी
ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. भगवान कृष्ण के जन्म की मध्यरात्रि को विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को विशेष रूप से सजाया गया है. मंदिर में विशेष रूप से तैयार किया गया भोग भगवान को अर्पित किया जाता है और फिर भक्तों में वितरित किया जाता है।
लड्डू गोपाल को विशेष मिठाइयों और पकवानों का भोग लगाया गया. देश के कोने-कोने में मंदिर सजे हुए हैं. मंदिरों में झाकियां भी लगाई गई हैं. मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया. भक्त इन कार्यक्रमों का आनंद लिए. वे कृष्ण-भक्ति में डूबे हुए दिखे।