Ratlam: निर्माण एजेंसियों ने ली अनियमितताएं करने की प्रेरणा और जवाबदारों के स्वभाव का भ्रष्टाचार..

  
Last Updated:  दिसम्बर 2, 2024 " 10:29 पूर्वाह्न"

रतलाम/धामनोद। रतलाम जिले की नगर परिषद धामनोद भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। कुछ मामलों में इसकी जांच उच्च स्तर पर चल रही है, वहीं पार्षदों ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद के मुख्य जवाबदार और नगर परिषद में कार्य करने वाली एजेंसियों द्वारा अपने कार्यों में सुधार नहीं लाया जा रहा है। जहां निर्माण एजेंसियां भ्रष्टाचार एवं अनियमितताएं करने से बाज़ नहीं आ रहें हैं वहीं मुख्य जवाबदारों के स्वभाव पर भ्रष्टाचार हावी होने के संकेत हैं?

जवाबदारों के स्वभाव का भ्रष्टाचार- भ्रष्टाचार को शिष्टाचार समझ लेना, भ्रष्ट होने को व्यावहारिक होना कहना और समाज में संदेश या धारणा बना देना कि भ्रष्ट आचरण कोई खास बात नहीं, बल्कि एक सामान्य विषय है और इसके बिना कुछ भी हो पाना असंभव है। यही समस्या की जड़ है, क्योंकि नगर में अधिकतर व्यक्ति यह स्वीकार कर चुके हैं कि काम करवाने के लिए सुविधा शुल्क देना जरूरी है। दो पल के आराम, ‘मुझे क्या मतलब है’ जैसी सोच और ‘इतना तो चलता है भाई’ जैसे दार्शनिक वाक्य इस भ्रष्ट आचरण को मानो विधिक स्वीकृति देते लगते हैं, नौकरशाह और जनसेवक व्यक्ति के मन में भ्रष्ट शिरोमणि बनने का भूत क्यों सवार हो जाता है?

एक दूसरे से ली गई भ्रष्टाचार की प्रेरणा? नगर परिषद धामनोद में नवीन बस स्टैंड क्षेत्र में निर्माणित दूकानों को कम कीमत पर विक्रय कर शासन को नुक़सान पहुंचाने का मामला अभी जांच में है। वहीं 27 नवंबर को पार्षदों द्वारा प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल, संभागायुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन, संभागीय संचालक नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग उज्जैन और कलेक्टर रतलाम के नाम आवेदन पत्र देकर नगर में किये जा रहें और किये गये विभिन्न निर्माण कार्यों सहित अगस्त 2022 से वर्तमान तक किये गये समस्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की शासन हित में विस्तृत जांच हेतु पत्र लिखा गया है। वहीं नगर में निर्माण एजेंसियों को इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है जो निकाय के मुख्य जवाबदारों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगरहा है।
निर्माण एजेंसियों द्वारा पूर्व की निर्माण एजेंसियों से प्रेरणा लेकर निर्माण कार्य किये जा रहें हैं। नगर में पूर्व नगर परिषद कार्यालय में वार्ड क्रमांक 01, 07, 11, 12, और 13 में बने सीसी रोड़ निर्माण में घटिया डस्ट का उपयोग किया गया था। जिसके फलस्वरूप सीसी रोड़ छः माह के भीतर ही उखड़ गए थे। जो आज भी उसी स्थिति में होकर नागरिकों के लिए मार्ग में परेशानी बने हुए हैं। वहीं वर्तमान में नगर में निर्माण एजेंसी शायद उन्हीं से प्रेरित होकर सीसी निर्माण में घटिया डस्ट उपयोग कर रहे हैं।

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