रतलाम/धामनोद नगर परिषद बैठक में डीजल खर्च-अतिक्रमण पर हंगामा

  
Last Updated:  जुलाई 18, 2026 " 09:37 पूर्वाह्न"

Ratlam : धामनोद नगर परिषद बैठक में डीजल खर्च-अतिक्रमण पर हंगामा

4 पीआईसी सदस्य सहित 8 पार्षद गैरहाजिर,

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Uttam Sharma
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रतलाम,(स्पष्ट खबर)। नगर परिषद धामनोद की साधारण बैठक 17 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे हंगामे के साथ शुरू हुई। डीजल खर्च और अतिक्रमण की जानकारी नहीं देने पर पार्षदों और अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

पीआईसी बैठक पहले ही विवादों में रही
नगर परिषद द्वारा 10.07.2026 को जारी सूचना क्रमांक /18/नप/2026 के अनुसार पीआईसी का साधारण सम्मेलन 14.07.2026 को सुबह 11 बजे बुलाया गया था। उसमें 4 मुख्य बिंदु रखे गए थे-
1.म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत कर्मचारियों की पदोन्नति
2.मांगलिक भवन हरिजन मोहल्ला पर टीन शेड निर्माण एवं ट्यूबवेल खन
3.मांगलिक भवन आजाद चौक पर टीन शेड निर्माण
4.वार्ड 7, 9, 12, 13 में सड़क मरम्मत

लेकिन दो दिन बाद 17 जुलाई को साधारण बैठक में ही 4 पीआईसी सदस्य सहित कुल 8 पार्षद गैरहाजिर रहे, जिससे पीआईसी की कार्यवाही पर भी सवाल खड़े हुए।

4 पीआईसी सहित 8 पार्षद रहे अनुपस्थित
17 जुलाई की बैठक में उपस्थित रहे: अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा अजय डिंडोर, उपाध्यक्ष ठा. लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया, पार्षद मुकेश चौधरी, मदनलाल पाटीदार, श्रीमती ज्योति ओमप्रकाश पाटीदार, श्रीमती पुष्पा राकेश मकवाना, मोहनलाल अमलियार, एल्डरमैन संदीप राव, बाबूलाल पाटीदार।
नगर परिषद में कुल 04 एल्डरमैन हैं, जिनमें से 02 उपस्थित और 02 अनुपस्थित रहे। बैठक में सीएमओ श्रीमती पूजा गोयल एवं विभागीय कर्मचारी भी मौजूद थे।

अध्यक्ष के बयान पर उठे सवाल
बैठक की शुरुआत में ही वार्ड 11 के पार्षद मुकेश चौधरी ने सीधे अध्यक्ष से 22/05/2026 को दिए गए पत्र पर सवाल किया।
इस पर अध्यक्ष ने सदन में कहा “मुझे आपके पत्र की कोई जानकारी नहीं है”।
पार्षद ने तुरंत कार्यालय की ओसी दिखाते हुए कहा कि पत्र सीएमओ और अध्यक्ष दोनों के नाम कार्यालय में जमा किया गया था और उसकी रसीद भी ली गई है।

म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 के तहत दिए गए पत्र पर अध्यक्ष की अनभिज्ञता पर सदन में नाराजगी देखी गई।

जानकारी नहीं देने पर भड़के पार्षद, लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
वार्ड 4 के पार्षद मदनलाल पाटीदार ने भी 01/06/2026 को अतिक्रमण की जानकारी मांगी थी। जब दोनों मुद्दों पर कोई जवाब नहीं मिला तो पार्षदों ने आरोप लगाया कि “जानबूझकर जानकारी छिपाकर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। वाहन, डीजल और अतिक्रमण के आंकड़े सामने आएंगे तो कई घोटाले उजागर हो जाएंगे।”

काफी देर चली तीखी बहस के बाद आखिरकार पार्षदों के दबाव में प्रशासन को लिखित में देना पड़ा। मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने पत्र क्रमांक/नप/1124/2026 दिनांक 17.07.2026 में लिखा कि “आज बैठक के एजेंडे में ये विषय शामिल नहीं होने से जानकारी नहीं दी जा सकती। अगली बैठक में एजेंडे में शामिल कर जानकारी दी जाएगी।”
यही लिखित जवाब लेकर पार्षद माने और तब बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी।

कार्यसूची में रहे ये 21 बिंदु, नाम को लेकर आपत्ति
विवाद के बाद बैठक में तय 21 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान पार्षद मुकेश चौधरी ने एजेंडा कार्यसूची में “टंकी चौराहा से DP-पुलिया तक सोल्डर रोड” लिखे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई।
पार्षद ने कहा कि “पूर्व में ही इस चौराहे का नाम टंट्या मामा चौराहा किया जा चुका है। बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा कार्यसूची में पुराना नाम लिखना लापरवाही है।”

अन्य प्रमुख बिंदु:
वित्तीय/प्रशासनिक: पेंशन और नामांतरण की स्वीकृति
शिक्षा/सामाजिक: भल्याबीड में प्राथमिक स्कूल के लिए जमीन, स्वतंत्रता दिवस 2026, श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे का नामकरण
विकास कार्य: वार्ड 2,3,4,5,9,10,12 में नाली निर्माण, मेला ग्राउंड नाली-जाली, भैंसासुरी मंदिर से ईश्वरलाल पाटीदार घर तक CC रोड, रावरा मंदिर पुनर्निर्माण
अन्य: खेल ग्राउंड लेवलिंग, इलेक्ट्रिशियन-ड्राइवर संविदा भर्ती, वार्ड 2 में पुलिया, चेंबर निर्माण, वार्ड 12 में रिटेनिंग वॉल

भ्रष्टाचार का आरोप
पार्षदों का कहना है कि डीजल खर्च में अनियमितता और अतिक्रमण हटाने में भेदभाव के आरोप पहले से लगते रहे हैं। जानकारी मांगने पर उसे एजेंडे में ही शामिल न करना और अध्यक्ष का “जानकारी नहीं” कहना इस शक को और गहरा करता है।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि डीजल, वाहन और अतिक्रमण से जुड़े पूरे रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं। अब अगली बैठक में जब ये मुद्दे एजेंडे में आएंगे, तब प्रशासन का जवाब ही तय करेगा कि आरोप सही हैं या नहीं।

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