रतलाम/पुलिस और प्रेस के रिश्ते हमेशा मधुर और पारदर्शी होने चाहिए:सेवानिवृत IPS आर सी पंवार

  
Last Updated:  जुलाई 31, 2026 " 10:04 पूर्वाह्न"

रतलाम/सैलाना (स्पष्ट खबर)। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सैलाना प्रेस क्लब द्वारा “पुलिस और प्रेस के रिश्ते” विषय पर एक आत्मीय परिचर्चा का आयोजन क्लब संरक्षक वीरेन्द्र त्रिवेदी के निवास पर किया गया। डेढ़ घंटे चली इस परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक, चिंतक एवं लेखक आर सी पंवार ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेश मालवीय और संरक्षक संतोष धाभाई ने पुष्पमाला पहनाकर पंवार का स्वागत किया।

मुख्य वक्ता पंवार ने कहा कि पुलिस और प्रेस के रिश्ते हमेशा मधुर और पारदर्शी होने चाहिए। प्रेस पुलिस की आंख, कान और नाक होती है। अपराधों की रोकथाम में पुलिस को प्रेस की हर समय जरूरत होती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस को प्रेस द्वारा की गई आलोचना को सहजता से स्वीकार करना चाहिए और अपने काम में सुधार लाना चाहिए। पुलिस और प्रेस को एक दूसरे को समझना होगा। सहज विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए। हर बात को प्रतिष्ठा का सवाल बनाने के बजाय दोनों को बड़ी सोच के साथ अपनी कमियां दूर करनी चाहिए। तभी हम मिलकर एक स्वस्थ, स्वच्छ और भयमुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।

समाज में पुलिस की भूमिका पर बोलते हुए पंवार ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी किसी अन्य शासकीय विभाग से अधिक होती है। पुलिस को हर समय सचेत और सजग रहना पड़ता है। कई बार परिवार की खुशियों को ताक पर रखकर भी समाज को भयमुक्त करना होता है।

“गुरु तो प्रेस ही है”
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर “गुरु कौन” प्रश्न पर पंवार ने कहा कि “गुरु तो प्रेस ही है। पुलिस तो लोक सेवक है। अपराध नियंत्रण में हमें कई बार प्रेस से सही सलाह और मार्गदर्शन मिलता है।”

मनगढ़ंत खुलासों के सवाल पर उन्होंने माना कि ऐसा कभी-कभार हो सकता है, पर यह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस भी इंसान है, कोई भगवान नहीं। गलती हो सकती है। लेकिन बिना पुलिस के सभ्य समाज की कल्पना संभव नहीं है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेश मालवीय ने कहा कि ऐसे आयोजन से क्राइम की खबरें बनाने में मार्गदर्शन मिलता है। बदलते समय में पाठकों को निबंधात्मक नहीं, पॉइंट-टू-पॉइंट खबर चाहिए।

उल्लेखनीय है कि आर सी पंवार का सैलाना से 30 वर्ष से अधिक पुराना नाता है। वे 1995-96 में सैलाना में एसडीओपी रहे। वर्तमान में भी वे पुलिस प्रशिक्षण और स्कूलों में व्याख्यान देते हैं। “आत्महत्या क्यों” और “अपराध अनुसंधान कैसे हो” विषयों पर उनकी पुस्तकें प्रकाशित हैं।

परिचर्चा में क्लब सचिव विमल कटारिया, उपाध्यक्ष कैलाश परिहार, संजय शर्मा, बुरहान लुकमानी, सुनील सिंह परिहार सहित वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार शर्मा, मनोज भंडारी, नितेश राठौड़, कृष्णकांत मालवीय आदि ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन संरक्षक वीरेन्द्र त्रिवेदी ने किया। आभार उपाध्यक्ष कैलाश परिहार ने व्यक्त किया।

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