शाहीन बाग़ पर बोले आरिफ़ मोहम्मद ख़ान: …’ये आतंकवाद का दूसरा रूप है’

  
Last Updated:  फ़रवरी 22, 2020 " 03:50 पूर्वाह्न"

केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का स्थान है लेकिन अगर विज्ञान भवन के बाहर जब पांच लोग बैठ जाएं और कहने लग जाएं कि हम यहां से तब तक नहीं हटेंगे, जब तक कि यह छात्र संसद एक संकल्प नहीं ले ले जिसे हम अपनाना चाहते हैं तो यह आतंकवाद का दूसरा रूप है.

शाहीन बाग़ में हो रहे प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों पर बैठे लोगों की वजह से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और अपने विचार को दूसरों पर थोपना आतंकवाद का दूसरा रूप है.

आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों की आलोचना की.

उन्होंने कहा, ”आक्रामकता सिर्फ़ हिंसा के रूप में नहीं आती है. यह कई अन्य रूपों में भी आती है. जैसे, अगर आप मेरी बात नहीं मानेंगे तो मैं सामान्य जीवन को बाधित कर दूंगा.”

भारत सरकार के नागरिकता संशोधन क़ानून का देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध हो रहा हैं. हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि इस क़ानून को किसी भी स्थिति में वापस नहीं लिया जाएगा.

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