सिंधिया की राह पर सचिन?: राजस्थान में आत्म सम्मान की लड़ाई शुरू, या तो CM बदलेंगे या सरकार
Last Updated: जुलाई 12, 2020 " 02:53 अपराह्न"
नई दिल्ली: राजस्थान के युवा नेता एवं डिप्टी सीएम सचिन पायलट में ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे लक्षण दिखाई देने लगे हैं। किसी भी निर्णायक कदम उठाने से पहले सचिन पायलट हाईकमान सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली आ गए हैं। बताया जा रहा है कि उनके साथ करीब 15 से 17 विधायक दिल्ली में उपस्थित हैं। समस्या बिल्कुल वही है जो पूरी कांग्रेस में चल रही है। 60+ के कांग्रेस नेताओं का युवा नेताओं के साथ विवाद।
सीएम अशोक गहलोत ने विधायकों से लिखित में समर्थन मांगा
इससे पहले अशोक गहलोत ने शनिवार को बीजेपी पर सरकार अस्थिर करने का आरोप लगया था। मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों को समर्थन पत्र लिखने के लिए कहा है, जबकि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंचे हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के भीतर फूट बढ़ गई है कि क्योंकि सीएम और डिप्टी सीएम दोनों अपनी-अपनी ताकत दिखाने में लग हुए हैं।
बीजेपी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है: सीएम अशोक गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन देने और उनकी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया है। शनिवार शाम को गहलोत ने अपने आवास पर कई मंत्रियों और विधायकों से मुलाकात की और उन्हें समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा।
विधायकों पर दबाव बनाने के लिए ACB का उपयोग
राजस्थान की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों के तहत विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिक जांच (पीई) दर्ज की। विशेष कार्यबल (एसओजी) शुक्रवार को ही इस बारे में एक मामला दर्ज कर चुका है। ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि एसीबी ने विधायक ओमप्रकाश हुडला, सुरेश टाक तथा खुशवीर सिंह के खिलाफ पीई दर्ज की है। आरोप है कि इन विधायकों ने राज्य सरकार को गिराने के लिए भाजपा की ओर से कुछ अन्य विधायकों को धन की पेशकश की।