उर्वरक, बीज, पौध संरक्षण औषधि गुण नियंत्रण के लिए सघन अभियान 25 दिसंबर तक चलेगा
Last Updated: अक्टूबर 28, 2020 " 09:23 अपराह्न"
रतलाम| किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक, बीज एवं पौध संरक्षण औषधियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा एक सघन अभियान आरंभ किया गया है जो आगामी 25 दिसंबर तक संचालित किया जाएगा। उपसंचालक कृषि श्री जी.एस. मोहनिया ने बताया कि जिले के कृषि विभाग के सहायक संचालक, अनुविभागीय अधिकारियों, उर्वरक निरीक्षकों तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि क्षेत्र में सतत भ्रमण करते हुए सुनिश्चित करें कि किसी प्रकार का नकली खाद, बीज, दवाई का वितरण नहीं हो अन्यथा की स्थिति में अधिकारी उत्तरदायी होंगे। उर्वरक नियंत्रण आदेश के अनुसार नमूना लेने के लिए बी फार्मा अनिवार्य किया गया है। नमूने के साथ बी फार्म अलग से प्लास्टिक थैली में रखना होगा और अच्छी तरह से थैली में बंद करके प्रयोगशाला में भेजना होगा। नमूनों को किसी प्रकार से निरस्त किया जाता है तो जिम्मेदारी भी संबंधित दल की होगी। नमूना सीलबंद हो, उसके कंपनी के प्रतिनिधि या विक्रेता के हस्ताक्षर हो और नियमानुसार उनके समक्ष अपील किया जाकर उर्वरक का नाम सही से अंकित किया जाए जिसे बाद में आपत्ति लिए जाने का मौका नहीं मिले। साथ ही निर्धारित प्रपत्र में जानकारी संबंधित फार्म का आवश्यक रूप से दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार जिले में उपलब्ध सभी उर्वरक कंपनियों के स्कंध से नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी बिल्कुल नहीं हो, किसी कंपनी विशेष के ही नमूने नहीं लिए जाएं। दानेदार, एपीके मिश्रण उर्वरक तथा सिंगल सुपर फास्फेट के नमूने आनुपातिक रूप से अधिकतम लेने के निर्देश दिए गए हैं। दलों को प्रत्येक उर्वरक विक्रेता का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सघन अभियान के तहत कालाबाजारी के प्रथम वित्त करने के लिए निर्देशित किया गया है।