Ratlam:आदिवासियों का अपमान सहन नहीं, देश संविधान से चलेगा, 11 दिसंबर को सौंपा जाएगा ज्ञापन:- विधायक डोडियार
Last Updated: दिसम्बर 9, 2024 " 05:56 अपराह्न"
रतलाम/सैलाना। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां संविधान का राज है। आदिवासियों का अपमान बिल्कुल भी सहन नहीं किया जावेगा। उक्त बात सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सैलाना में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहीं। सैलाना विधायक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने बताया कि जिला चिकित्सालय रतलाम के विवाद में पदस्थ शासकीय कर्मचारियों ने उन्हें पूरे प्रकरण में एक खलनायक की तरह प्रस्तुत किया है जबकि वह जनता द्वारा चुने गए एक जनप्रतिनिधि हैं। जनता की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करते रहना ही उनका कार्य है। इन्होंने बताया कि सैलाना क्षेत्र आदिवासी बहुल क्षेत्र है जहां स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। जिसके कारण क्षेत्र के कई परिवार इलाज के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए जिला चिकित्सालय का रुख करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिजन और कुछ अन्य क्षेत्र के नागरिक जो की उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में गए थे और कुछ साथी जो की भर्ती है ने बताया कि जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बहुत ही बुरा है। विधायक डोडियार ने आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ स्टाफ आदिवासी क्षेत्र से आने वाले मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। जिला चिकित्सालय में भर्ती अपने परिचित से मिलने के लिए गए थे, और जिला चिकित्सालय रतलाम के स्वास्थ्य सेवाओं में कमी होने और अन्य विषयों पर चर्चा के लिए वह वहां पर तत्कालीन उपस्थित डॉक्टर राठौर से चर्चा करना चाह रहे थे विधायक डोडियार ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि संबंधित चिकित्सक सीपी राठौर ने यह जानते हुए भी कि मैं एक जनप्रतिनिधि हूं मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया आदिवासी वर्ग का होने के कारण मेरे साथ जाति सूचक शब्दों का भी व्यवहार किया गया। इतना होने के उपरांत भी जब मैं लोकतांत्रिक तरीके से पुलिस में अपने शिकायत दर्ज करने गया तो संबंधित चिकित्सक द्वारा अपने अन्य विभागीय साथियों के साथ उल्टे मेरे ऊपर ही शिकायत दर्ज कराई गई। आदिवासी वर्ग का होने के कारण एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ यदि ऐसी स्थिति हो रही है तो फिर आम नागरिक को के साथ जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सा और अन्य स्टाफ द्वारा कैसा व्यवहार किया जाता होगा यह इसी घटनाक्रम से समझ में आता है।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने डॉ राठौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना वाले दिन शासकीय जिला चिकित्सालय रतलाम में तैनात चिकित्सक डॉक्टर सी.पी. राठौर ऑन ड्यूटी नशे किया हुआ थे। उसने जान बूझकर चुने हुए जनप्रतिनिधि को जाती सूचक शब्दों से गाली दी।
प्रशासन भी आदिवासी वर्ग से आने के कारण जन प्रतिनिधि की नहीं सुन रहा है। चुने हुए जनप्रतिनिधि का अपमान पूरे क्षेत्र की जनता का अपमान है। में सैलाना से विधायक हूं और प्रदेश की विधानसभा का सदस्य भी हूं।
आदिवासी वर्ग के प्रति किए अपमान जनक व्यवहार से आहत दिनांक 11 दिसंबर को रतलाम में विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टर महोदय को आदिवासियों के प्रति घृणित व्यवहार करने वाले सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम में बांसवाड़ा सांसद,सहित भारत आदिवासी पार्टी के कई बड़े पदाधिकारी सहित सैलाना सहित आस पास के क्षेत्रों के सैकड़ों कार्यकता मौजूद रहेंगे।
विधायक ने बताया कि पूरा कार्यक्रम शांति पूर्ण तरीके से किया जाएगा। विधायक ने आदिवासियों के अपमान की लड़ाई में क्षेत्र वासियों से सहयोग की अपील की हैं ।