10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  
Last Updated:  अप्रैल 18, 2026 " 05:44 अपराह्न"

अनुपस्थित, अनुत्तीर्ण और अंक सुधारने के इच्छुक विद्यार्थी ले सकेंगे लाभ,
22 अप्रैल तक किया जा सकेगा आवेदन,
7 से 25 मई तक आयोजित होगी परीक्षा

भोपाल (स्पष्ट खबर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के कुशल नेतृत्व और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के परिणामस्वरूप प्रदेश के बच्चों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। शासकीय स्तर पर की गई पहल के साथ-साथ यह उपलब्धि विद्यार्थियों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत का प्रमाण भी है। इस वर्ष किसी भी छात्र का परीक्षाफल पूरक घोषित नहीं किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब विद्यार्थियों के लिए द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है। जो विद्यार्थी अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हुए या अंक सुधारना चाहते हैं, वे निराश न हों, सरकार उनके साथ खड़ी है। “द्वितीय अवसर परीक्षा” 7 से 25 मई तक आयोजित होगी। राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को पिछली बार से अधिक परिश्रम और बेहतर करने के लिए एक मौका और दिया गया है। अनुत्तीर्ण हुए बच्चों के माता-पिता को ऐसे मौके पर अपने बच्चे के साथ खड़े होने और उन्हें हौसला देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि आज की असफलता से निराश होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। जीवन की राह में छोटी-मोटी असफलताएं हमें और अधिक मजबूत बनाने के लिए आती है। गिरकर संभलने वाला ही असली विजेता कहलाता है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जा रही द्वितीय अवसर परीक्षा में ऐसे छात्र जो मंडल की प्रथम परीक्षा में एक या अधिक विषयों में अनुपस्थित/अनुत्तीर्ण रहे हों, सम्मिलित हो सकेंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो किसी विषय में उत्तीर्ण हो गए हों, वे भी अंक सुधारने के लिए द्वितीय अवसर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। परीक्षार्थियों का प्रथम एवं द्वितीय अवसर में से जो भी श्रेष्ठ परिणाम होगा, वह अंतिम रूप से मान्य रहेगा। प्रायोगिक विषयों में किसी छात्र को प्रायोगिक और आंतरिक परीक्षा के केवल अनुत्तीर्ण भाग में शामिल होने की पात्रता होगी। द्वितीय अवसर परीक्षा में परीक्षार्थी को विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। द्वितीय अवसर परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 अप्रैल रात 12 बजे तक एम.पी. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भरे जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाले देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में प्राइमरी स्तर पर ‘ड्रॉप आउट रेट’ शून्य (Zero) हो गया है। प्रदेश में 369 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनी विद्यालय और 730 पीएम श्री स्कूल, शालेय शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। शिक्षा के लिए बजट में 36 हज़ार 730 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष से 11% अधिक है। यह निवेश अगली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर 8 लाख 50 हज़ार से अधिक बच्चों की फीस राज्य सरकार भर रही है, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहे।

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