नगरीय विकास विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति: वित्तीय गड़बड़ी पर कई अफसर-कर्मचारी दंडित, पदावनति से लेकर पेंशन कटौती तक कार्रवाई
Last Updated: जून 5, 2026 " 02:35 अपराह्न"
Zero Tolerance Policy of the Urban Development Departmentवित्तीय गड़बड़ी पर कई अफसर-कर्मचारी दंडित, पदावनति से लेकर पेंशन कटौती तक कार्रवाई
भोपाल (स्पष्ट खबर)।नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Department of Urban Development and Housing) ने वित्तीय अनियमितताओं और कर्तव्यहीनता पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के कई नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को दंडित किया है। आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा लंबे समय से लंबित जांच प्रकरणों के निस्तारण के बाद पदावनति, वेतनवृद्धि रोकने और पेंशन कटौती जैसे कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, शासकीय भूमि एवं राजस्व का गबन तथा कोरोना काल में सामग्री क्रय में बरती गई शिथिलता अक्षम्य है। जनता के पैसे के दुरुपयोग और शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कहां-किस पर हुई कार्रवाई
1. नगर परिषद नगौद स्टॉप डेम निर्माण में गंभीर विसंगतियों पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय पाण्डेय को ‘परिनिंदा’ से दंडित किया गया। अब वे आगामी एक वर्ष तक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
2. नगर परिषद जैतहरी, अनूपपुर कोरोना लॉकडाउन में सामग्री क्रय में वित्तीय नियमों की अवहेलना पर तत्कालीन भंडार प्रभारी मोहित शर्मा, तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक सह लेखपाल रजनीश लहंगीर तथा तत्कालीन स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर की चार-चार वार्षिक वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गईं।
इसी निकाय में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि एवं आय को क्षति पहुंचाने पर राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी तथा प्रभारी CMO भूपेंद्र सिंह की दो-दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गईं।
सेवानिवृत्त प्रभारी CMO राम मिलन तिवारी को भूमि संबंधी गड़बड़ियों में दोषी पाते हुए उनकी पेंशन से 10 प्रतिशत तथा कोरोना काल की अनियमितता के लिए 20 प्रतिशत राशि की स्थायी कटौती की गई है।
3. नगर परिषद पिपलौदा नीलामी प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय विसंगतियों के लिए प्रभारी CMO अरुण पाठक की तीन वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गईं।
4. नगर पालिका परिषद शहडोल मोहनराम मंदिर तालाब के सौंदर्यीकरण में लापरवाही पर उपयंत्री देव कुमार गुप्ता एवं तत्कालीन सहायक यंत्री बृजेन्द्र प्रसाद शर्मा की तीन-तीन वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गईं।
5. नगर पालिका परिषद धार देवीसागर तालाब निर्माण में शिथिलता के लिए तत्कालीन उपयंत्री सुधीर ठाकुर एवं सहायक यंत्री देवेन्द्र कोल की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई।
6. नगर परिषद सोयतकलां, आगर मालवा माधव चौक स्थित भूखंड मामले में शासन को 9 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने पर तत्कालीन CMO अशोक कुमार पांचाल को राजस्व निरीक्षक के पद से पदावनत कर उप राजस्व निरीक्षक बना दिया गया।
7. संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास यांत्रिकी प्रकोष्ठ में सहायक वर्ग-2 शेखर ठाकुर को दीर्घकालिक अनाधिकृत अनुपस्थिति और गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा शिथिलता को कतई सहन नहीं किया जाएगा। जनहित में दोषियों के विरुद्ध ऐसी दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।