प्रसिद्ध मंदिर के बगीचे को बनाया शराब, जुआ का अड्डा-

  
Last Updated:  जून 19, 2020 " 03:37 अपराह्न"

Ratlam: अतिप्राचीन धार्मिक स्थल तपोभूमि की अपकीर्ती फैलाने का दुस्साहस –

रतलाम/धामनोद:19 जून 2020(स्पष्ट खबर)| अतिप्राचीन धरोहर हजारों धर्मावलंबियों के आस्था के केन्द्र प्रसिद्ध धार्मिक मंदिर को असामाजिकतत्वों ने अवैध गतिविधियां चलाने के लिए अपना अड्डा बनाया हुआ है|
मामला रतलाम जिले के धामनोद नगर का है , रतलाम जिले के धामनोद नगर के दक्षिण क्षेत्र मुक्तिधाम के पास स्थित अतिप्राचीन इतिहास की गर्द में आस्था एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण दर्शनीय स्थल श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर राजस्व हल्का नंबर 03 धामनोद में सर्वें क्रमांक 895 में साढ़े तीन बीघा से अधिक भूमि के क्षेत्रफल में मंदिर, बगीचा तथा खेत है उक्त भूमि के व्यवस्थापक कलेक्टर महोदय जिला रतलाम मप्र शासन है,
मंदिर कितना पूराना हैं यह स्पष्ट दावा अभी तक कोई नहीं कर पाया है, भूतेश्वर महादेव मंदिर पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध होकर नगर सहित दूरदराज के क्षेत्रों तक धार्मिक आस्था का केन्द्र है|

अतिप्राचीन धार्मिक धरोहर श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर धामनोद


लेकिन वर्तमान में प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार अमूल्य धरोहर अतिप्राचीन मंदिर असामाजिक तत्वों का मुख्य केन्द्र बना हुआ है|
भूतेश्वर महादेव मंदिर के बगीचे में असामाजिकतत्वों ने अवैध गतिविधियां चलाने के लिए अड्डा बना लिया गया है
मंदिर क्षेत्र में शराबखोरी, जुआ आदी अवैध गतिविधियां खूलेआम चल रही हैं
जिस से मंदिर पर दर्शन करने आने वाले धर्मावलंबियों में असुरक्षा का भाव उत्पन्न होने के साथ ही अतिप्राचीन , प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण हजारों धर्मावलंबियों के आस्था के केन्द्र श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर की अपकीर्ती फैलाने का दुस्साहस असामाजिकतत्वों द्वारा किया जा रहा हैं|
क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बेचीं जा रहीं हैं
शराबी अवैध शराब खरीद कर मंदिर क्षेत्र में शराबखोरी कर रहे हैं शराबी मंदिर पर स्थित पेयजल टंकी से पानी लेने के साथ ही यहाँ के बर्तन भी शराबखोरी में उपयोग कर रहे हैं वहीं मंदिर के बगीचे में जुआ भी चलने की खबर खास सूत्रों द्वारा मिली है |

मंदिर के बगीचे में शराब के खाली बारदाना के अलावा ताश के पत्ते


असामाजिकतत्वों द्वारा यहाँ संतों से भी गलत व्यवहार किया जाने पर संत महात्माओं ने भी मंदिर का आश्रम छोड़ दिया है हाल ही में तीन चार दिन पूर्व नागा बाबा श्रवणगीरी महाराज से रात्रि में अभ्रद व्यहार किया जिस पर संत श्री रात्रि को ही आश्रम छोड़ कर अंततः चले गये, इस के पूर्व भी एक साधू महात्मा के साथ इस प्रकार का व्यवहार शराबीयों द्वारा किया जा चूका है
असामाजिकतत्वों द्वारा षडयंत्र पूर्वक साधू महात्माओं को परेशान कर भगाया जा रहा है
अगर कोई साधू संत मंदिर आश्रम पर निवास करते हैं तो वे असामाजिक गतिविधियों को संचालित होने से रोकते है इसी कारण असामाजिकतत्वों द्वारा यह दुस्साहस किया जा रहा है
स्थानीय पुलिस प्रशासन को कई बार मौखिक अवगत करवाने के बाद भी इस और ध्यान नहीं देना चिंता का विषय हो कर कई संदेहास्पद प्रशन्न उठते है|

मंदिर बगीचा: बगीचे में शराब की खाली बोतलों के अलावा मंदिर के प्याऊ का लोटा

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