मोदी सरकार ने तैयार किया 3.3 लाख करोड़ का मास्टर प्लान, बनेंगे 23 नए एक्सप्रेसवे और इकॉनमी को मिलेगी रफ्तार

  
Last Updated:  अगस्त 14, 2020 " 09:10 पूर्वाह्न"

NHAI ने देश में 23 नए एक्सप्रेसवे तैयार करने के लिए मार्च 2025 का लक्ष्य रखा है। इन एक्सप्रेसवे की दूरी करीब 7800 किलोमीटर होगी और टोटल बजट करीब 3.3 लाख करोड़ होगा।

Highways

एक नज़र में:-

  • NHAI बनाएगी देश में 23 नए एक्सप्रेसवे
  • मार्च 2025 तक पूरा करने का रखा है लक्ष्य
  • इन एक्सप्रेसवे की टोटल डिस्टेंस करीब 7800 किमी
  • इन प्रॉजेक्ट्स का बजट करीब 3.3 लाख करोड़ है

नई दिल्ली:
मोदी सरकार ने इकॉनमी को बूस्ट देने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत देश में 23 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे जिसकी दूरी करीब 7800 किलोमीटर होगी। इसे बनाने में करीब 3.3 लाख करोड़ खर्च होंगे। नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI)ने इस मेगा प्लान को पूरा करने के लिए पांच सालों का लक्ष्य रखा है। अगर सबकुछ सही समय पर हुआ तो मार्च 2025 तक यह काम पूरा हो जाएगा। इस प्रॉजेक्ट में इकनॉमिक कॉरिडोर भी शामिल हैं। 

बड़े पैमाने पर मिलेंगे रोजगार
इस प्रॉजेक्ट के पूरा होने में लाखों करोड़ का निवेश हो रहा है जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मटीरियल डिमांड में तेजी आएगी। कोरोना के कारण सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के लिए इस तरह के मेगा प्रॉजेक्ट्स संजीवनी की तरह काम करेंगे। लोगों को रोजगार के अवसर मिलना और डिमांड में तेजी आने से आर्थिक गतिविधि में तेजी आएगी।

कार्गो मूवमेंट में तेजी आएगी
निवेश और निवेशकों को आकर्षित करने के लिहाज से इस प्लान को तैयार किया गया है। इस मेगा प्रॉजेक्ट के पूरा होने पर मूवमेंट ऑफ वीइकल आसान और ज्यादा तेजी से होगा। इससे कार्गो का मूवमेंट भी तेज होगा। वर्तमान में 24 घंटे में एक कार्गो 400 किलोमीटर की दूरी कवर करता है। यह ग्लोबल स्टैंडर्ड से करीब 50 फीसदी कम है। हाईवे का जाल बिछ जाने के बाद इसमें तेजी आएगी और औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। इसके कारण कॉस्ट और टाइम भी 50 फीसदी कम लगेगा।

चार एक्सप्रेसवे मार्च 2023 तक
इस प्रॉजेक्ट में दिल्ली-मुंबई, अहमदाबाद-धौलेरा, अम्बाला-कोटपूतली और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। NHAI की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, 9 अन्य एक्सप्रेसवे मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 9 अन्य ग्रीनफील्ड हाईवे मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा रखा गया है।

इन प्रमुख शहरों की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से देश के प्रमुख शहर जैसे सूरत, सोलापुर, लखनऊ, वाइजाग, चेन्नै, बेंगलुरू, विजयवाड़ा, रायपुर, कोटा, खड़गपुर, सिलिगुड़ी जैसे शहर आपस में सीधे जुड़ जाएंगे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए बहुत जल्द SPV का गठन
बात अगर फंडिंग की करें तो NHAI को उम्मीद है कि फंड का अभाव नहीं होगा। फंडिंग के लिए NHAI स्पेशल पर्पस वीइकल (SPVs) बनाएगी। 1350 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए बहुत जल्द SPV का गठन किया जाएगा। इसे NHAI बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। इस बोर्ड में नीति आयोग, परिवहन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं।  एनएचएआई ने एसपीवी को रजिस्टर कर लिया है।

टोल कलेक्शन से पूरा होगा फंडिंग का काम
इन्वेस्टमेंट को टोल कलेक्शन से पूरा किया जाएगा। NHAI चेयरमैन एसएस सिंधु ने कहा कि अगर टोल ऑपरेट ऐंड ट्रांसफर (TOT) मॉडस सक्सेसफुल रहता है तो आने वाले दिनों में इसका प्रयोग दूसरे हाईवे प्रॉजेक्ट्स में भी किए जाएंगे।

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