MP Election Result 2023: यही रात अंतिम, यही रात भारी बस एक रात की अब कहानी है सारी…
Last Updated: दिसम्बर 2, 2023 " 04:33 अपराह्न"
कमलनाथ और शिवराज, फोटो. सोशल मीडिया
mk Choudhari
MP Election Result 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनमत की तस्वीर साफ़ होने की घड़ी आ गई है, बस एक रात बाकी है और सुबह का सूरज उगने के साथ दोपहर बाद प्रदेश के कुल 5.6 करोड़ मतदाता जनादेश के साक्षी बन जाएंगे। कल 3 दिसंबर को मतगणना के साथ ही न केवल राज्य के लगभग ढाई हजार से ज्यादा प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हो जाएगा, बल्कि दोपहर बाद तक राज्य की नई सरकार को लेकर स्थिति भी साफ होने लगेगी। अगले पांच साल का भार उठाने से ज्यादा भारी बस एक रात है, एक दिन पहले की रात पांच साल की 1825 रातों से अलग हैं, करवटें बदलते उम्मीदवारों के भविष्य की घड़ी रविवार सुबह होते ही अलार्म बजाना शुरू करेगी, राज्य के राज में “कमल” खिलेगा या फिर पंजा संभालेगा, यह तीन दिसंबर यानी की लक रविवार को रुझानों की चमक बता देगा।
एग्जिट पोल के महापंडितों की भी अग्निपरीक्षा का दिन हैं, कसौटी पर खरे न उतरने वाले भी पराजित उम्मीदवारों की तरह धकेल दिए जाएंगे। इस सबके बीच हिन्दी फ़िल्मों के जाने- माने संगीतकार और गीतकार स्व. रवीन्द्र जैन के गीत के बोल ” यही रात अंतिम, यही रात भारी बस एक रात की अब कहानी है सारी.., के जो हो रहा उसका परिणाम क्या है ये बाज़ी अभी तक ना जीती ना हारी यही रात अंतिम, यही रात भारी.. को चुनाव परिणाम से पूर्व इस से जोड़कर सोशल मिडिया पर खूब वायरल किया जा रहा हैं। निसंदेह यह रात खासकर प्रत्याशी और उनके समर्थकों के लिए भारी रही होगी।
शिवराज को विसवास तो कमलनाथ को शक!
एग्जिट पोल के अनुमान के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने राज में लागू की योजनाओं को जीत का आधार मानने का दावा किया है। वहीं कमलनाथ ने अपने पोलिंग बूथ कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों को यह इत्तला दी कि मतगणना ईमानदारी से हो? इस पर फोकस करें। देश विजन से चलता है, टेलीविजन से नहीं। दोनों के संदेश बेहद महत्वपूर्ण हैं। कमलनाथ के मन में काउंटिंग को लेकर ऐसे सवाल क्यों उठे? क्या एग्जिट पोल के जरिए एक नैरेटिव सेट किया गया?
बीजेपी के बड़े चेहरों पर नजर, कांग्रेस के पास नहीं कुछ खोने को,
जीत-हार के खाने में भाजपा-कांग्रेस तो फिर होगी ही, लेकिन भाग्योदय की इस घड़ी में बीजेपी के उन बड़े चेहरों पर भी सभी की नजर है, जिनके सहारे बीजेपी ने पूरे प्रदेश की घेराबंदी करने की कोशिश की। तीन केन्द्रीय मंत्री नरेद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते और चार सांसद समेत पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय । जीत-हार में इनकी लकीर भी बड़ा मायने रखेगी। क्योकि कांग्रेस के पास जो भी कुछ खोने को था, वह 2020 में गंवाया जा चुका है। बीजेपी के बड़े चेहरों के लिए परिणाम माइनस मार्किंग से कम साबित नहीं होने वाला।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ था। जिसके परिणाम 3 दिसंबर को सामने आएंगे। यहां भाजपा एवं कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। हालांकि दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा करने में लगी हैं, एग्जिट पोल के महापंडितों ने अपने-अपने दावे किये हैं, लेकिन यह फाइनल परिणाम नहीं हैं। किसी ने “ये बाज़ी अभी तक ना जीती ना हारी” ‘यही रात अंतिम यही रात भारी..’ मगर ये तो परिणाम फाइनल होने के पश्चात् ही पता लगेगा कि जनता ने अपना मुखिया किसे चुना है।