गहलोत से नाराजगी नहीं पायलट, BJP भी नहीं करेंगे ज्वॉइन, पढ़ें-सचिन पायलट का प्लान

  
Last Updated:  जुलाई 15, 2020 " 10:19 पूर्वाह्न"

कांग्रेस पार्टी से बगावत की सजा भुगत रहे राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने पहली बार इंटरव्यू में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि वो अशोक गहलोत से नाराज नहीं है और बीजेपी भी ज्वॉइन नहीं कर रहे हैं। यहां पढ़ें- क्या है सचिन पायलट का आगे का प्लान?

जयपुर : राजस्थान की राजनीति में आए भूचाल के बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने पहली बार अपनी बात रखी है। इंडिया टुडे ग्रुप को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कांग्रेस से बर्खास्तगी से लेकर अपने अगले प्लान के बारे में भी बताया है। सचिन पायलट से इस इंटरव्यू में जब पूछा गया कि आखिर वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज क्यों हैं? तो उन्होंने कहा कि वह गहलोत से नाराज नहीं है। उन्होंने गहलोत से कोई खास ताकत नहीं मांगी थी। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी आवाज को दबाया गया। अफसरों को उनका आदेश न मानने के लिए कहा गया था। वहीं, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सचिन पायलट बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं।

42 वर्षीय पायलट को पार्टी से बगावत के बाद को कांग्रेस ने मंगलवार को राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया सचिन पायलट ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए बीजेपी के साथ साजिश रची। कांग्रेस से इस बढ़े झटके बाद भी मंगलवार को सचिन पायलट की कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, हालांकि इस इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है।


अशोक गहलोत से नाराजगी नहीं

सचिन पायलट से जब अशोक गहलोत से नाराजगी का सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि ‘मैं उससे नाराज नहीं हूं। मैं किसी विशेष शक्ति या विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहा हूं। मैं बस इतना चाहता था कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने चुनावों में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में काम किया।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘हमने वसुंधरा राजे सरकार के अवैध खनन पट्टों के खिलाफ एक अभियान चलाया, ताकि तत्कालीन बीजेपी सरकार को उन आवंटन को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़े। लेकिन सत्ता में आने के बाद गहलोत जी ने कुछ नहीं किया, बल्कि उसी रास्ते पर चले।’

अधिकारियों को आदेश मानने से मना किया

पायलट ने बताया कि उन्हें और उनके समर्थकों को न सम्मान मिला और न प्रदेश के विकास के लिए काम करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने इस इंटरव्यू में बताया कि, ‘नौकरशाहों को मेरे निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए कहा गया था, फाइलें मेरे पास नहीं भेजी गईं।’ वो बताते हैं कि मंत्रिमंडल की बैठकें और सीएलपी की बैठकें महीनों तक नहीं हुई थीं। अगर मैं अपने लोगों के साथ की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की अनुमति नहीं देता तो क्या स्थिति है?

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