दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने लिखा लेटर, कहा- आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण, आपने सूझबूझ का परिचय दिया

  
Last Updated:  जनवरी 28, 2021 " 06:34 अपराह्न"

नई दिल्ली|26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। इसमें किसान आंदोलनकारियों ने जमकर उपद्रव किया। इस उपद्रव में तीन सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब दिल्ली पुलिस कमिश्नर (Delhi Police Commissionar SN Srivastava) ने एक भावुक लेटर लिखा है। इस लेटर में उन्होंने लिखा है कि आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इससे पहले पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना के बारे में तफसील से जानकारी दी थी और कहा था कि जिन लोगों ने दिल्ली में उपद्रव किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

साथियों का हाल जाना
उन्होंने आगे कहा, ‘आपकी मेहनत और कार्य कुशलता से ही किसान आंदोलन की चुनौती का हम डट कर मुकाबला कर पाए हैं। किसान आंदोलन में हुई हिंसा में हमारे 394 साथी घायल हुए हैं। कुछ का इलाज अस्पताल में अभी भी चल रहा है। मैंने खुद कुछ घायल साथियों से अस्पताल में पहुंच कर उनका हाल चाल जाना।’

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सूझबूझ से लिया काम
पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा, ’26 जनवरी को किसान आंदोलन के उग्र व हिंसक हो जाने पर भी आपने अत्यंत संयम और सूझबूझ का परिचय दिया है। यद्यपि हमारे पास बल प्रयोग का विकल्प मौजूद था परन्तु हमने सूझबूझ का परिचय दिया। आपके इस आचरण से दिल्ली पुलिस इस चुनौती पूर्ण आन्दोलन से निपट पायी। हम सब इस प्रकार की चुनौतियों का सामना करते आए हैं।’


दिल्ली पुलिस सख्त, शुरू हुई कार्रवाई
गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्‍टर परेड के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्‍ली पुलिस अब ऐक्‍शन में है। कई किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है। दिल्‍ली पुलिस अब इन नेताओं के पासपोर्ट सरेंडर करवाने की प्रक्रिया भी शुरू करेगी। इससे पहले, पुलिस ने किसान नेताओं से पूछा था कि वे बताएं कि तय समझौते का उल्‍लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्‍यों न की जाए। किसान नेताओं को जवाब देने के लिए तीन दिन का वक्‍त दिया गया है। नोटिस 20 से ज्‍यादा किसानों को दिए गए हैं जिनमें योगेंद्र यादव, बलबीर राजेवाल, बलदेव सिंह सिरसा जैसे नाम शामिल हैं।

किसी को बख्‍शा नहीं जाएगा: दिल्‍ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने लाल किले पर हिंसा को “सबसे निंदनीय और राष्ट्र विरोधी कृत्य” करार दिया है। पुलिस कमिश्‍नर एसएन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी की हिंसा में किसान नेता शामिल थे। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा। नोटिस में ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित शर्तों के उल्लंघन का भी हवाला दिया गया है। पुलिस ने क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रमुख दर्शन पाल से कहा कि वह अपने संगठन से जुड़े दोषी लोगों के नाम बताएं जो हिंसा में शामिल थे।

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