भारत के लिए चौथा मेडल पक्का , टोक्यो ओलंपिक में रवि दहिया कुश्ती के फाइनल में पहुंचे-
Last Updated: अगस्त 4, 2021 " 04:21 अपराह्न"
पहलवान रवि दहिया टोक्यो ओलंपिक में 57 किलोग्राम फ़्री स्टाइल कुश्ती के फ़ाइनल में पहुंच गए हैं| वहीं 86 किलोवर्ग फ़्री स्टाइल कुश्ती के सेमीफ़ाइनल में पहलवान दीपक पुनिया को अमेरिकी खिलाड़ी डेविड टेलर के हाथों 10-0 से हार का सामना करना पड़ा है|
रवि दहिया ने सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में कज़ाखस्तान के नुरिस्लाम सनायेव को हराकर भारत के लिए रजत पदक पक्का कर लिया है
पहले ब्रेक के समय तक रवि दहिया ने 2-1 की लीड हासिल की हुई थी फिर वो पिछड़ गए. एक वक्त रवि को दो अंक थे और नुरिस्लाम के नौ लेकिन रविकुमार ने चुनौती स्वीकारी जब वे 2-10 से पिछड़ रहे थे तो उन्होंने वापसी की और मुक़ाबले को पहले 5-9 तक लेकर आए और फिर पासा ही पलट दिया|
उन्होंने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने विरोधी को चित करके फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की है
इसके साथ ही रवि दहिया कुश्ती में ओलंपिक पदक हासिल करने वाले भारत के चौथे पहलवान होंगे. उनसे पहले सुशील कुमार ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य और लंदन ओलंपिक 2012 में रजत पदक हासिल किया था. लंदन ओलंपिक में ही योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था. वहीं 2016 के रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक ने कांस्य पदक हासिल किया था|
टोक्यो में रवि दहिया की इस जीत के साथ ही भारत के खाते में अब चार मेडल हो गए हैं-
रवि दहिया से पहले मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत, पीवी सिंधु ने बैडमिंटन और लवलीना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीता है|
रवि दहिया का ओलंपिक तक का सफ़र कुछ एसा रहा-
हरियाणा के सोनीपत ज़िले के नाहरी गांव में जन्मे रवि दहिया आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसके लिए वे बीते 13 सालों से दिन रात जुटे हुए थे| रवि जिस गांव के हैं, उसकी आबादी कम से कम 15 हज़ार होगी लेकिन ये गांव इस मायने में ख़ास है कि यहां से अब तक तीन ओलंपियन निकले हैं| महावीर सिंह ने 1980 के मास्को और 1984 के लास एजेंलिस ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया था जबकि अमित दहिया लंदन, 2012 के ओलंपिक खेल में हिस्सा ले चुके थे| इस विरासत को रवि दहिया ने नई ऊंचाईयों पर पहुंचा दिया है| महज 10 साल की उम्र से उन्होंने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सतपाल के मार्गदर्शन में कुश्ती के गुर सीखना शुरू कर दिया था|