लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर अब 21 साल होगी, कैबिनेट से प्रस्ताव पास
Last Updated: दिसम्बर 16, 2021 " 12:10 अपराह्न"
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने भारत में लड़कियों की शादी की उम्र बदलने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के अनुसार भारत में लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष की गई है। बेटियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसके लिए सरकार मौजूदा कानूनों में संशोधन करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2020 को लाल किले से अपने संबोधन में इसका उल्लेख किया था. उन्होंने कहा था कि बेटियों को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी है कि उनकी शादी उचित समय पर हो.
मौजूदा कानून के मुताबिक, देश में पुरुषों की विवाह की न्यूनतम उम्र 21 और महिलाओं की 18 साल है. अब सरकार बाल विवाह निषेध कानून, स्पेशल मैरिज एक्ट और हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन करेगी. नीति आयोग में जया जेटली की अध्यक्षता में बने टास्क फोर्स ने इसकी सिफारिश की थी।
सनद रहे कि पिछले साल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में इसका जिक्र किया था। उसी के बाद से लड़कियों की शादी की उम्र में परिवर्तन के लिए नया बिल तैयार किया जा रहा था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस बिल को भारत की संसद में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। संसद से मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा और फिर उसके बाद भारत में 21 वर्ष से कम आयु की लड़कियों का विवाह करना, बाल विवाह के तहत अपराध माना जाएगा।
इस विषय पर अध्ययन करने के लिए भारत सरकार द्वारा पूर्व सांसद जया जेटली की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस टीम ने महिलाओं की मां बनने की क्षमता। वर्तमान परिवेश और महिलाओं से जुड़े सभी मुद्दों पर विचार करने के बाद। लड़कियों की शादी की उम्र में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया था।