पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 29 हजार 174 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 227 करोड़ से अधिक की सब्सिडी
Last Updated: जनवरी 16, 2026 " 04:00 अपराह्न"
पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 29 हजार 174 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 227 करोड़ से अधिक की सब्सिडी
योजना में 3 किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की मिलेगी सब्सिडी
भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना में अब तक कुल 29 हजार 174 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 227 करोड़ 39 लाख रूपये से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, 2 किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।
योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है। कंपनी ने कहा कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है, तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किए गए हैं। कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित नहीं होने की अवस्था में वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।