‘लाड़ली बहना योजना’ रजिस्ट्रेशन को लेकर MP हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज
Last Updated: फ़रवरी 11, 2026 " 05:54 अपराह्न"
Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) को लेकर एक बड़ी खबर है. इस योजना में दोबारा पंजीयन शुरू करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को एमपी हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने खारिज कर दिया है। सरकार ने कोर्ट में कहा कि योजनाओं की पात्रता तय करना सरकार का विशेषाधिकार है, इसमें न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता दो पक्षों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है।
ये है मामला दरअसल मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में रतलाम के पूर्व विधायक एवं पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने “मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना” के तहत पंजीयन दोबारा शुरू करने को लेकर जनहित याचिका लगाई थी। जिसमें 20 अगस्त 2023 के बाद 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी महिलाओं का पंजीयन सरकार द्वारा बंद किए जाने से कई महिलाएं इसका लाभ नहीं उठा पा रही है।
इस योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष की महिलाएं पात्र हैं, लेकिन 20 अगस्त 2023 से रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने के कारण नए महिलाओं का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है।
कोर्ट में तर्क- रजिस्ट्रेशन बंद या शुरू करना शासन का निर्णय– याचिकाकर्ता ने इस योजना के लिए पात्रता की न्यूनतम आयु को 21 साल से घटाकर 18 साल करने की भी मांग की थी। इस अहम सुनवाई में शासन की ओर से यह तर्क था कि रजिस्ट्रेशन बंद या शुरू करना शासन का निर्णय है । कोर्ट में कहा गया कि शासन के इस फैसले में कोर्ट का दखल नहीं हो सकता है।
रजिस्ट्रेशन की राह देख रही महिलाओं को झटका याचिका कर्ता ने कहा कि योजना का रजिस्ट्रेशन 20 अगस्त 2023 से बंद है, इससे पात्र महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित हो रही हैं। इसलिए इनको शामिल करने के लिए योजना का रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है।इस पर सरकारी वकील ने तर्क दिया कि यह शासन का नीतिगत निर्णय है, अदालत का इसमें दखल नहीं हो सकता। लिहाजा रजिस्ट्रेशन को लेकर याचिका को हाइकोर्ट (High Court) द्वारा खारिज करना एक बडा झटका उन महिलाओं को लग सकता है जो लाडली बहना योजना से कुछ आर्थिक मदद की सोच रही थीं।