Salary of MP and MLA: जानिए कितनी होती है सांसदों और विधायक की salary , सांसदी छोड़ विधायकी चुनी, कितना फायदा नुकसान
Last Updated: दिसम्बर 10, 2023 " 12:24 अपराह्न"
भोपाल। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की। मध्यप्रदेश में भाजपा ने 230 में से 163, राजस्थान में 199 में से 115 और छत्तीसगढ़ में 90 में से 54 सीटें जीत कर भाजपा सरकार बनाने का अपना दावा पेश कर चुकी है।
MP को सुविधाएं और कितनी सैलरी मिलती है?
सांसदों को भत्ते और पेंशन (संशोधन) अधिनियम, 2010 के अनुसार हर महीने 1 लाख रुपए सैलरी दी जाती है। इसके अलावा संसद के सदस्य को कई तरह के भत्ते और लाभ भी मिलते हैं। इन सांसदों को हर महीने 70 हजार रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के तौर पर और 60 हजार ऑफिस के खर्चे के लिए सांसदों को दिए जाते हैं। संसद सत्र के समय हर दिन दो हजार रुपये का भत्ता अलग से मिलता है।
MLA को सुविधाएं और सैलरी मिलती है?
सांसदों की तरह ही विधायकों को भी बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं। पर ये सुविधाएं हर राज्य के हिसाब से अलग-अलग होती है। छत्तीसगढ़ उन 5 राज्यों में शामिल है, जो विधायकों को सबसे ज्यादा वेतन देता है। यहां के विधायक को 1.60 लाख रुपए प्रति महीने सैलरी (salary) दी जाती है। इसके साथ ही, 15,000 रुपए की चिकित्सीय सुविधा और चार लाख रुपए हवाई और रेल यात्रा के लिए दिए जाते हैं।
मध्य प्रदेश में विधायकों की सैलरी (salary) फिलहाल 1.10 लाख रुपए प्रति महीना है। इसमें 30 हजार रुपए बेसिक सैलरी और 80 हजार रुपए मासिक भत्तों के रुप में दिए जाते हैं।
जबकि राजस्थान में विधायक को 40 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन के तौर पर दिया जाता है। इसके अलावा 70 हजार रुपए हर महीने कॉन्स्टिट्यूएंसी अलाउंस के तौर पर भी मिलते हैं।
MP छोड़ MLA बने नेताओं को कितना फायदा?
संसद की सदस्यता छोड़ कर विधायक बने नेताओं को विधायक की सैलरी (salary) के साथ-साथ सांसद की पेंशन भी मिलेगी। जब इन नेताओं की विधायकी खत्म होगी तब इन्हें सांसदी के साथ ही विधायकी की पेंशन भी मिलेगी।