रतलाम में प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित, मंत्री काश्यप बोले- “यह आधुनिक युग की सबसे बड़ी जरूरत”
Last Updated: जून 20, 2026 " 05:51 अपराह्न"
Ratlam :प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित, मंत्री काश्यप बोले- “यह आधुनिक युग की सबसे बड़ी जरूरत”
रतलाम, 20 जून(स्पष्ट खबर)। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किए जाने के तहत शुक्रवार को महू रोड स्थित कृषि उपज मंडी में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप रहे।
मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हर दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “गाय के गोबर और गोमूत्र से धरती में प्राकृतिक तत्व आते हैं, इसलिए प्राकृतिक खेती आज की सबसे बड़ी जरूरत है।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मप्र को दूध कैपिटल बनाया जाएगा और 80 हजार करोड़ की योजनाओं से 12 लाख हेक्टेयर में सिंचाई बढ़ाई जाएगी।
विधायक मथुरालाल डामर ने कहा कि यूरिया महंगा होने से किसानों को गाय पालन कर गोबर-गोमूत्र से प्राकृतिक खेती करनी चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर मिशा सिंह के प्रयासों से 25 क्लस्टर बनाकर 3125 किसानों का चयन किया गया है। जिले में हर रविवार सैलाना रोड मंडी पर जैविक उत्पादों का बाजार भी लगाया जा रहा है।
कलेक्टर मिशा सिंह ने जिले के प्रगतिशील जैविक किसानों बनेसिंह, चंद्रभानु चौधरी और अमित कुमावत की सराहना की। उपसंचालक कृषि भानसिंह ने बताया कि दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में मप्र के प्राकृतिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शीशराम धाकड़ ने कहा कि हरित क्रांति के बाद रसायनों के लगातार प्रयोग से धरती का स्वास्थ्य बिगड़ा है, जिसे सुधारने के लिए प्राकृतिक खेती जरूरी है।
कार्यशाला में ग्राम रसूलपुर की सफलता की कहानी भी दिखाई गई, जहां 70% से अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं और रासायनिक उर्वरकों की मांग न के बराबर है। कार्यक्रम में किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर लाल पाटीदार, एसडीएम तरुण जैन सहित बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।