दीवारों पर स्वच्छता के रंग, फाइबर के मूत्रालयों का फर्श ध्वस्त – सैलाना में “सजावटी स्वच्छता” बेनकाब
Last Updated: जून 26, 2026 " 07:03 अपराह्न"
Ratlam:दीवारों पर स्वच्छता के रंग, फाइबर के मूत्रालयों का फर्श ध्वस्त – सैलाना में “सजावटी स्वच्छता” बेनकाब
chief editor Uttam Sharma Mo.9425104324 रतलाम/सैलाना(स्पष्ट खबर)। नगर परिषद सैलाना का दोहरा चरित्र सामने आया है। एक तरफ स्वच्छता के नाम पर दीवारों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है और “नगर परिषद सैलाना” बड़े अक्षरों में लिखा है। दूसरी तरफ उन्हीं रंगीन दीवारों के आगे लगे फाइबर के रेडिमेड मूत्रालय बदहाली और गंदगी की मिसाल बन गए हैं।
बाहर चमक, अंदर कीचड़ प. दीनदयाल मार्केट के पास लगे इन तीन फाइबर के रेडिमेड मूत्रालयों की बाहरी दीवार भले ही नीले-पीले फूलों से रंगी हो, लेकिन अंदर का हाल देखकर सिर शर्म से झुक जाए। मूत्रालयों के अंदर लगा फर्श पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। टाइल्स उखड़कर टूट चुकी हैं और फर्श में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। अंदरूनी दीवारों पर सीलन और गंदगी की मोटी परत जमी है।
रंगीन दीवारों के आगे लगे फाइबर मूत्रालयों का फर्श ध्वस्त, बदबूदार। फैला गंदा पानी
नियमित सफाई नहीं होने के कारण अंदर कदम रखना भी दूभर है। पैरदान नदारद हैं, जिससे उपयोग करने वाले लोगों के कपड़े और जूते गंदे हो जाते हैं। मूत्रालय की निकासी पूरी तरह बंद है और गंदा पानी बाहर प्लेटफॉर्म से बहकर 5 फीट दूर तक सड़क पर फैला रहता है। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि प्लेटफॉर्म के नीचे और आसपास गंदगी जमा है।
बाहर रंग-बिरंगी दीवारों पर “नगर परिषद सैलाना” लिखा, सामने लगे फाइबर के रेडिमेड मूत्रालय। अंदर लगा फर्श पूरी तरह ध्वस्त, टूटी टाइल्स और फैली गंदगी।
रेडिमेड सुविधा, पर मेंटेनेंस जीरो नगर परिषद ने मोटी राशि खर्च कर फर्श सहित ये फाइबर के रेडिमेड मूत्रालय तो लगवा दिए, लेकिन इनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। न पानी की व्यवस्था, न रोज सफाई। लगा हुआ फर्श टूटकर खतरनाक हो चुका है। गड्ढों में गंदा पानी भर जाने से फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि लगातार गंदगी और बदइंतजामी के कारण यहां दुर्गंध का अंबार लगा रहता है। “रंगीन दीवारें और रेडिमेड बॉक्स देखकर लोग आते हैं, पर अंदर टूटा फर्श और हालत देखकर नाक बंद कर भाग जाते हैं। मजबूरी में दुकानदारों और नागरिकों को यह सुविधा घर उपयोग करने पड़ रहे हैं।
स्वच्छता बजट पर सवाल नागरिकों का सवाल है कि जब दीवारों को रंगने और फर्श सहित रेडिमेड मूत्रालय खरीदने का बजट है, तो इनकी सफाई और मरम्मत का बजट कहां गया? रोजाना सैकड़ों बाहरी लोग इस मार्केट से गुजरते हैं। नगर परिषद की यह “सजावटी स्वच्छता” शहर की छवि खराब कर रही है।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद सिर्फ दीवारें न रंगे, बल्कि इन फाइबर मूत्रालयों का तत्काल जीर्णोद्धार कराए। ध्वस्त फर्श की मरम्मत हो या पूरी यूनिट बदली जाए, रोज सफाई हो, निकासी ठीक करे, पैरदान लगवाए और पानी की स्थायी व्यवस्था करे।