तय कीमत से ज्यादा पर बेची दवाएं तो लगेगा जुर्माना, DPCO में केंद्र का बड़ा बदलाव
Last Updated: जुलाई 4, 2026 " 10:57 पूर्वाह्न"
मरीजों को राहत: अब एक ही दवा के हर पैक की अलग कीमत तय कर सकेगी सरकार,
दवा हुई सस्ती तो 2 हफ्ते में देनी होगी जानकारी, DPCO नियमों में संशोधन
नई दिल्ली। आने वाले दिनों में मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकती हैं। केंद्र सरकार ने ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 में बड़े संशोधन किए हैं। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग ने अधिसूचना जारी कर नए नियमों की जानकारी दी है।
एक ही दवा, अलग-अलग पैक की अलग कीमत नए आदेश के मुताबिक अब सरकार जरूरत पड़ने पर एक ही दवा के अलग-अलग पैक साइज, पैकेजिंग, डोज या दवा के स्वरूप जैसे तरल या गैस के आधार पर अलग-अलग अधिकतम खुदरा कीमत तय कर सकेगी। इससे अलग-अलग पैक में आने वाली दवाओं की कीमत तय करना आसान होगा।
नई दवा लॉन्च की प्रक्रिया आसान अब अगर किसी नई दवा की खुदरा कीमत पहले से तय है, तो अगले 12 महीनों में वही दवा लॉन्च करने वाली दूसरी कंपनी को दोबारा कीमत तय कराने के लिए आवेदन नहीं करना होगा। कंपनी को सिर्फ दवा लॉन्च करने के एक महीने के भीतर सरकार को सूचना देनी होगी। इसके लिए सरकार ने नया सूचना फॉर्म-IA भी जोड़ा है।
कीमत घटने की जानकारी तुरंत मिलेगी संशोधन के तहत दवा की कीमत कम होने पर कंपनियों को 2 सप्ताह के भीतर डीलरों और मेडिकल स्टोर को नई मूल्य सूची भेजनी होगी। इसके साथ ही कम से कम 2 राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन, कंपनी की वेबसाइट पर अपडेट और राज्य औषधि नियंत्रकों को जानकारी देना अनिवार्य होगा।
ज्यादा दाम वसूले तो होगी कार्रवाई मंत्रालय ने साफ किया है कि अगर कोई कंपनी सरकार द्वारा तय कीमत से अधिक दाम पर दवा बेचती पाई गई तो उसे अतिरिक्त वसूली गई रकम ब्याज सहित जमा करनी होगी। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
7 साल तक रखना होगा रिकॉर्ड नए आदेश में हर दवा निर्माता को बिक्री, उत्पादन और अन्य जरूरी रिकॉर्ड कम से कम 7 वित्तीय वर्षों तक सुरक्षित रखने होंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इन संशोधनों का मकसद दवाओं की कीमतों में पारदर्शिता लाना, मरीजों को तय कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराना और नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करना है।