रतलाम,06, जनवरी 2020 (स्पष्ट खबर)। क्षेत्र में 27-28 दिसंबर की रात्रि पाला गिरने के कारण फसलें बर्बाद हुई हैं
लेकिन कृषि विभाग के आला अधिकारी तो दुर की बात क्षेत्र के जवाबदार मैदानी कर्मचारी भी 08 दिनों बाद भी किसानों की पाला प्रभावित फसलों के सर्व के लिए नहीं पहूंच रहे हैं
जिस से आखिर कितने दिनों तक किसान बर्बाद फसलों को खेतों में खडी़ रखेगा, परेशान अन्नदाता ने
अपने खेतों की खडी़ फसलों में ढो़र चरा दिये तथा फसलों में जुताई करवाई जा रहीं हैं।
रतलाम जिले के धामनोद नगर में किसानों की फसलें पाले के कारण प्रभावित हुई हैं
अन्य फसलों के अलावा चने की फसलों में पाला गिरने से भारी नुकसान हुआ हैं।
धामनोद के किसान लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने अपने खेत में बर्बाद फसल दिखाते हुए बताया की दो बिघा में चने की फसल पाले के कारण बर्बाद हुई हैं जिसमें अब ढोर चरा कर टेक्टर से जुताई कर रहें हैं
08 दिन बित गए लेकिन अभीतक ग्राम सेवक साहब ने भी क्षेत्र का रूख नहीं किया है।
वहीं धामनोद के ही किसान सुरेश पाटीदार ने बताया की मैने 04 बिघा में चने की फसल लगाई थी
चने की बालियों में दाने आने का समय था तभी 27-28 दिसंबर की रात्रि को पाला गिरा जिसने सब बर्बाद कर दिया
अब शासन से मुआवजा मिलने की आस है
लेकिन अभी तक बर्बाद फसलों का सर्वे भी नहीं हुआ हैं
जिस से हम दुविधा में हैं।
एक ओर प्रदेश सरकार को कृषि करमट अवार्ड मिल रहा हैं
तथा सरकार व्दारा किसानों को समर्द्ध बनाने के लिए व शासन की योजना का अधिक से अधिक लाभ किसानों को दिलाने के लिए हर संभव प्रयासरत हैं
लेकिन शासन की योजनाएं तभी सार्थक होगी जब मैदानी अधिकारी, कर्मचारी अपनी जवाबदेही को समझने की कोशिश करेंगे।
यहाँ किसानों का कहना है की क्षेत्र पूर्व ग्राम सेवक रमेश गुढिया,
किसानों के बिच रह कर किसानों को शासन की योजनाओं से अवगत करवाते थे
लेकिन जब से उनका स्थानांतरण हुआ हैं
नवागत ग्राम सेवक को क्षेत्र में नहीं देखा है।
क्या कहते हैं जवाबदार-
बृजमोहन सिंह सोलंकी एसडीओ कृषि विभाग रतलाम ग्रामीण,
जिन किसानों की फसलें पाले से प्रभावित हुई हैं वे एक आवेदन बनाकर डी.डी आफिस व ग्राम सेवक, पटवारी -तहसील में देदे
ग्राम सेवक व पटवारी संयुक्त कार्य करते हैं।
इनका कहना है,
एन एस राठौड़ एस ए डीओ कृषि विभाग रतलाम,
पाला प्रभावित फसलों में जुताई करने व खेत से हटाने के पहले किसान फसलों का वीडियो बनाले, व विभाग में तथा राजस्व विभाग में आवेदन करें तथा बिमा कंपनी को भी सुचना करें
ग्राम सेवक से जानकारी लि जा रही हैं।