सिर्फ लाठी लिए जवान की बहादुरी से बड़ा हमला टला, जैश के 3 आतंकी मारे गए; पुलवामा के हमलावर का भाई उन्हें ट्रक में ले जा रहा था

  
Last Updated:  जनवरी 31, 2020 " 06:28 अपराह्न"

घायल जवान

जम्मू: पुलिस के एक जवान की बहादुरी से शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर तीन आतंकी मारे गए। आतंकियों से यह एनकाउंटर जम्मू से 28 किमी दूर एक टोल प्लाजा पर हुआ था। आतंकी एक ट्रक के अंदर छिपे हुए थे और कश्मीर जा रहे थे। उनके पास 5 एके राइफलें, आरडीएक्स और बुलेट प्रूफ जैकेट्स थीं। वे नेशनल हाईवे पर किसी बड़े हमले की फिराक में थे। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। यही ड्राइवर आतंकियों का हैंडलर था। यह ड्राइवर पिछले साल पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले फिदायीन आतंकी का भाई है।

एनकाउंटर की पूरी कहानी

आतंकी आदिल डार ने पिछले साल फरवरी में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर विस्फोटकों से भरी एसयूवी से हमला किया था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसी फिदायीन हमलावर आदिल के भाई समीर डार ने गुरुवार देर रात 2 बजे कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के दयाला चाक इलाके से तीन-चार आतंकियों को अपने ट्रक में बैठाया था। माना जा रहा है कि ये आतंकी अंतरराष्ट्रीय सीमा से किसी तरह घुसपैठ कर जम्मू में घुसे थे। ये सभी ट्रक में छिपे बैठे थे और जम्मू-श्रीनगर हाईवे से कश्मीर जा रहे थे।

शुक्रवार अलसुबह 5 बजे यह ट्रक जम्मू से 28 किमी दूर बन टोल प्लाजा से गुजर रहा था। नगरोटा पुलिस थाने के कांस्टेबल भौमराज टोल प्लाजा पर तैनात थे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो और जवान और सीआरपीएफ के 4 हथियारबंद जवान मौजूद थे। भौमराज ने बताया- ‘मैंने ट्रक को रोका और ड्राइवर से पीछे वाली खिड़की खोलने को कहा। ट्रक के पिछले हिस्से में मैंने देखा कि वहां बोरियों के बीच एक खंदकनुमा जगह बनी हुई है। आसपास कुछ कम्बल पड़े हुए हैं। मैंने अपनी लाठी से कम्बल हटाए तो वहां कुछ जूते नजर आए। शक गहराया तो मैंने ड्राइवर से कहा कि वह नीचे उतरे और ट्रक के पिछले हिस्से की तिरपाल हटाए।

ड्राइवर ने मुझे यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि वह दवाइयों के बक्से कश्मीर ले जा रहा है। इस पर मैं ट्रक के पिछले हिस्से पर सिर्फ लाठी लिए चढ़ गया। मुझे देखकर वहां छिपे बैठे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुझे हाथ पर गोली लगी और बाल-बाल बच गया। फायरिंग सुनकर सीआरपीएफ के जवान ट्रक के नजदीक आए और एनकाउंटर शुरू हुआ। इसमें तीन आतंकी मारे गए।’ जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने अस्पताल में घायल भौमराज से मुलाकात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की। सिंह ने कहा कि ट्रक में सवार आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के थे।

आतंकियों के पास बुलेट प्रूफ जैकेट्स थीं
ट्रक में से 5 एके राइफलें, अमेरिका में बनी एक स्नाइपर राइफल और आरडीएक्स बरामद हुआ है। उनके पास वायर कटर और बुलेट प्रूफ जैकेट्स थीं। वे 300 किमी लंबे नेशनल हाईवे पर कहीं बड़े हमले की फिराक में थे। मारे गए आतंकियों में से एक संभवत: जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर था। ट्रक ड्राइवर समीर, ट्रक के कंडक्टर और एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है।

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