किसानों से तौल कराते समय बोरे का वजन सहित 50 किलो 600 ग्राम से अधिक मात्रा की तौल नहीं की जाएगी, जिला उपार्जन समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए-
Last Updated: अप्रैल 24, 2020 " 03:34 अपराह्न"
रतलाम: 24 अप्रैल 2020(स्पष्ट खबर) कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के संबंध में आयोजित की गई समीक्षा बैठक में कई निर्णय लिए गए।
बताया गया कि किसानों से तौल कराए जाते समय किसानों से तौल कराते समय बोरे का वजन सहित 50 किलो 600 ग्राम से अधिक मात्रा की तौल नहीं की जाएगी। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर न्यूनतम चार तौलकांटे तुलावटी एवं पर्याप्त हम्मालों की व्यवस्था अनिवार्य रुप से की जाए। गोदाम स्तरीय केन्द्रों पर तौल कार्य गोदाम के बाहर किया जाए। जिन गोदामों पर दो केन्द्र संचालित हैं, पृथक-पृथक पर्याप्त दूरी पर संचालित किए जाएं जिससे एक केन्द्र पर भीड एकत्रित न हो। टेग, धागा की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं टेंट, शौचालय, बैठक व्यवस्था, पीने का स्वच्छ पानी, सेनेटाईजर, हाथ धोने इत्यादि की व्यवस्था, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सुनिश्चित की जाए।
कोरोना वायरस संक्रमण रोकने को दृष्टिगत किसानों एवं उपार्जन में संलग्न कर्मचारियों, तुलावटियों, हम्मलों से सोशल डिस्टेंसिंग का कडाई से पालन कराया जाए। किसानों की उपज की तौल त्वरित गति से कराई जाए, किसानों को पृथक-पृथक समय पर बुलाएं एवं तीन घंटे के अन्दर तौल कार्य पूर्ण करने का प्रयास करें।
मण्डी सचिव यह सुनिश्चित करें कि किसानों से व्यापारियों द्वारा एफएक्यू गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपए से कम पर क्रय नहीं किया जाए। इस हेतु आवश्यक जांच एवं निगरानी रखी जाए। अनियमितता पाए जाने पर व्यापारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। कृषि एवं अन्य विभाग के नोडल अधिकारी उपार्जन केन्द्रों पर प्रतिदिन उपस्थित रहकर व्यवस्थित एवं एफएक्यू गेहूं का उपार्जन सुनिश्चित करें। जिला पर्यवेक्षक अधिकारी उपार्जन केन्द्रों का नियमित भ्रमण कर उपार्जन में आने वाली कठिनाईयों का निराकरण करें।