अंबाला एयरबेस की परिक्रमा करने के बाद राफेल विमान उतर चुके हैं। यहां पहले से ही धारा 144 लागू की गई थी। राफेल की अगवानी करने के लिए खुद वायुसेना प्रमुख वहां मौजूद रहे। राफेल को वॉटर सल्यूट दिया गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर देश को जानकारी दी।
नई दिल्ली:
बरसों से जिस ताकतवर लड़ाकू विमान राफेल का इंतजार हो रहा था, आज दोपहर बाद पांच फाइटर जेट ने अंबाला के एयरबेस पर गरजते हुए लैंडिंग की। इसके फौरन बाद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को जानकारी दी कि फाइटर्स अंबाला में सुरक्षित तरीके से लैंड कर चुके हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का पहुंचना हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। यह मल्टीरोल एयरक्राफ्ट निश्चित ही हमारी वायुसेना की ताकत को बढ़ाएंगे।’ राजनाथ ने दो टूक कहा कि अब किसी को अगर भारतीय वायुसेना की ताकत को लेकर चिंता करना चाहिए तो उन्हें जो हमारी क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालना चाहते हैं।
राजनाथ सिंह ने सिलसिलेवार तरीके से कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘मैं भारतीय वायुसेना को बधाई देता हूं। मुझे यकीन है कि 17 स्क्वॉड्रन, गोल्डन एरो अपने मिशन पर काम करता रहेगा। मुझे बेहद खुशी है कि IAF की युद्धक क्षमता में समय पर बढ़ोतरी हुई है।’ आपको बता दें कि भारत में राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप ऐसे समय में पहुंची है, जब पूर्वी लद्दाख में करीब तीन महीने से चीन के सैनिकों के साथ तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं।
पीएम के बड़े फैसले के लिए दिया धन्यवाद
रक्षा मंत्री ने राफेल के अंबाला में लैंडिंग का वीडियो भी शेयर किया है। राजनाथ ने कहा कि राफेल जेट खरीदे गए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के साथ सरकारी समझौता के माध्यम से इन विमानों को हासिल करने का सही फैसला लिया। इससे पहले लंबे समय से खरीद प्रक्रिया अटकी हुई थी। रक्षा मंत्री ने लिखा, ‘मैं उन्हें (पीएम मोदी) साहसिक फैसले के लिए धन्यवाद देता हूं’
Rajnath Singh (@rajnathsingh) Tweeted:
The Touchdown of Rafale at Ambala. https://t.co/e3OFQa1bZY https://twitter.com/rajnathsingh/status/1288413583173234690?s=20
- राफेल के ग्रुप कैप्टन और INS कोलकाता की रोचक बातजैसे ही राफेल ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया, INS कोलकाता ने उनका स्वागत किया। INS कोलकाता ने कहा, ‘आप गर्व के साथ आसमान की ऊंचाइयों को छुएं। हैपी लैंडिंग। राफेल को उड़ा रहे ग्रुप कैप्टन गुरकीरत सिंह ने कहा, ‘हवाएं आपके माकूल रहें और हैप्पी हंटिंग…
- राफेल के स्वागत में एस्कॉर्ट करने पहुंचा सुखोई, आसमान में दिखा अनोखा नजारा
- 100 विमानों पर एक साथ नजर, राफेल से बचना नामुमकिन है
- सुखोई ने किया राफेल को एस्कॉर्टभारतीय सीमा में घुसते ही सुखोई 30 MKI ने राफेल को एस्कॉर्ट किया। 5 राफेल लड़ाकू विमान किसी भी क्षण अंबाला में उतरने वाले हैं।
- शान से भारतीय सीमा प्रवेश करते हुए राफेल विमान
- 5 राफेल की दो सुखोई ने की अगवानीरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर बताया कि राफेल के भारतीय सीमा में घुसते ही दो सुखोई विमानों ने उनकी अगवानी की। ये विमान राफेल को अंबाला तक लेकर आएंगे।
- 4.5 पीढ़ी का विमान है राफेलअभी तक भारत के पास सुखोई के रूप में चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान ही था लेकिन अब राफेल के रूप में 4.5 पीढ़ी का विमान आ चुका है। राफेल की ताकत बेमिसाल है और इसकी क्षमता बेहद मारक है।
- राफेल की एंट्री, देखिए मनमोहक तस्वीरेंअरब सागर के ऊपर राफले जैसे ही भारतीय सीमा में घुसा वैसे ही उसका स्वागत किया गया। इन तस्वीरों को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसे राफेल का ग्रैंड वेलकम होता है। हर ताजा खबर अब Telegram पर भी। हमसे जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें और पाते रहें हर जरूरी अपडेट।
उन्होंने आगे कहा कि कोरोना महामारी के चलते पैदा हुई तमाम बाधाओं के बावजूद मैं एयरक्राफ्ट और उसके हथियारों की समय पर डिलिवरी के लिए फ्रेंच सरकार, दसॉ एविएशन और अन्य फ्रेंच कंपनियों को धन्यवाद देता हूं।
- भारत का राफेल vs चीनी J-20 की ताकत जानेंकई विशेषज्ञ भारतीय राफेल को चीन के J-20 के टक्कर का मान रहे हैं। स्टील्थ कैटिगरी का चीनी लड़ाकू विमान के बारे में अभी दुनिया को उतनी जानकारी नहीं है जितनी राफेल के बारे में है। राफेल को हवा का सिकंदर कहा जाता है।
- राफेल की खूबियां उसे दूसरे जेट से बनाती हैं अलगसामरिक विशेषज्ञ मारूफ रजा के अनुसार, राफेल की तेज उड़ान उसे दुनिया में सबसे अलहदा बनाती है। इसके अलावा अपने समकक्षों की तुलना में यह अव्वल है।
- पलभर में दुश्मनों के ठिकानों के नष्ट करता है 70 लाख की हैमर मिसाइलराफेल के हैमर मिसाइल से लैस होने के कारण भारत को बड़ी बढ़त हासिल हो चुकी है। यह मिसाइल किसी भी प्रकार के बंकर या सख्त सतह को पल में मटियामेट करने की ताकत रखता है। यह किसी भी स्थिति में बेहद उपयोगी है। बेहद कठिन पूर्वी लद्दाख जैसे इलाकों में इसकी मारक क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ती है। इस घातक हथियार की मारक क्षमता बड़ी तगड़ी है। यह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर की दूरी तक अचूक निशाना लगाने में माहिर है। जिस लड़ाकू विमान से हैमर को फायर किया जाता है वह उसकी मारक दूरी के कारण ही दुश्मन की एयर डिफेंस से बचने में सफल रहता है। क्योंकि दूरी के कारण लड़ाकू विमान दुश्मन के रेडार पर नजर नहीं आता है। HAMMER मिसाइल किट में अलग-अलग साइज के बम भी फिट किए जा सकते हैं। ये 125 किलो, 250 किलो, 500 किलो यहां तक कि 1000 किलोग्राम के भी हो सकते हैं।
- अचूक हथियारों से लैस है राफेलराफेल में कई अचूक हथियार लग सकते हैं। 300 किलोमीटर तर मार करने वाली स्कल्प क्रूज मिसाइल इसे सबसे ज्यादा मारक बनाती है। Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल का निशाना चूकता नहीं है। MICA एयर-टू-एयर मिसाइल इसे दुश्मनों पर बढ़त दिलाती है। हैमर मिसाइल इसे अजेय बनाते हैं।
- 4.5 पीढ़ी का है राफेल विमानराफेल लड़ाकू विमान 4.5 पीढ़ी का विमान है। यह रेडार को चकमा देने में माहिर माना जाता है। भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। अभी तक भारतीय वायुसेना में शामिल मिराज-2000 या सुखोई लड़ाकू विमान या तो तीसरी या फिर चौथी पीढ़ी के विमान है।
- एयरक्राफ्ट कैरियर से भी उड़ान भर सकता है राफेलराफेल लड़ाकू विमान एयरक्राफ्ट कैरियर से भी उड़ान भर सकता है। यह खोजी अभियान से लेकर दुश्मन के इलाके में भीतर तक जाकर हमला करने की क्षमता रखता है। भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 60 हजार करोड़ रुपये के 36 राफेल विमानों की डील की थी। इसमें 30 फाइटर जेट होंगे जबकि 6 ट्रेनर विमान होंगे।
- राफेल के लिए की गई है खास तैयारीवायुसेना ने राफेल के रखरखाव के लिए भी बड़ी तैयारी की है। वायुसेना ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च कर राफेल के लिए शेल्टर, हैंगर और मेंटेनेंस फैसलिटी बनाई है।
- राफेल की ताकत, भारत चौथा देशराफेल की ताकत हासिल करने वाला भारत दुनिया का केवल चौथा देश है। फ्रांस के अलावा, मिस्र और कतर के पास ही ये विमान हैं। पीएम नरेंद्र मोदी कई बार इन विमानों की तारीफ कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इस एयरक्राफ्ट का प्रदर्शन बहुत ही शानदार है और इसके हथियार, रेडार और अन्य सेंसर तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर संबंधित क्षमताएं दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक हैं। भारत में इनके आने से IAF और ताकतवर होगी और हमारे देश के सामने मौजूद किसी भी चुनौती से निपटने में ज्यादा सक्षम बनेगी।
राजनाथ का विपक्ष पर भी अटैक
उन्होंने आगे यह भी कहा कि राफेल जेट को खरीदा गया क्योंकि वे IAF की ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा कर पा रहे थे। खरीद के खिलाफ लगाए गए आधारहीन आरोपों का पहले ही जवाब दिया जा चुका है। आपको बता दें कि राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाए थे।
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