मुकेश चौधरी
रतलाम/धामनोद: 4 सितंबर 2020(स्पष्ट खबर)| रतलाम जिले के धामनोद नगर में चर्चित भूखण्ड मामले को 5 सितंबर को आयोजित होने वाले नगर परिषद के साधारण सम्मेलन के एजेंडे आधिसूचना में शामिल किया गया है , मिली जानकारी अनुसार नगर परिषद ने अपने पदाधिकारियों को जारी किये एजेंडे में नगर में पूर्व, भूतपूर्व ग्राम पंचायतों ने जिन्ह भूखण्ड पट्टों को अनुदान में दिया गया है और उन पर आज दिनांक तक मकान निर्माण नहीं हुआ है एसे भूखण्ड आवासीय पट्टों को निरस्त किये जाना एजेंडे में शामिल किया जाना धामनोद नगर के हित में हो कर धामनोद के लिए यह एतिहासिक फैसला हो सकता है|
सनद रहे की 1995 से लेकर 2009 तक धामनोद नगर में तत्कालीन ग्राम पंचायत सरपंचों ने नगर की शासकीय भूमि पर आवासीय भूखण्ड पट्टे जारी किये थे जिसमें तत्कालीन ग्राम पंचायत के पट्टा प्रमाण- पत्र पर स्पष्ट शब्दों में अंकित है कि भूखण्ड पर 6 माह में निर्माण करना आवश्यक है अन्यथा पट्टा निरस्त माना जाएगा, तथा पट्टा प्रमाण पत्र को अहस्तान्तरण रखा जाना भी है,
लेकिन धामनोद नगर में आज दिनांक तक एसे कई भूखण्डों पर निर्माण नहीं हुआ है वहीं पूर्व ग्राम पंचायतों द्वारा अनुदान में दिये गये भूखण्ड पट्टों की खरिद फरोख्त भी हुई है , ग्राम पंचायतों ने अपनी बपौती की तरह शासकीय भूमि लूटाते हुए तत्कालीन समय में नाबालिगों एवं एक ही परिवार में एक से अधिक भूखण्ड आवासीय पट्टेदार बनाया है जिससे यह स्पष्ट इंगित होता है कि तत्कालीन ग्राम पंचायतों ने बहुउपयोगी लाखों रुपयों किमत की शासकीय भूमि अनुदान में अपात्रों को देकर अपना स्वार्थसिध्द किया है|
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फर्जी पट्टों को आधार बना कर किया बड़ा भूमि घोटाला
वर्षो तक फर्जी पट्टों पर राजनीतिक रोटियां सेकने के साथ होती रहीं हैं दलाली-
नगर में स्वार्थ सिध्द जनप्रतिनिधियों नेताओं द्वारा वर्षों तक तथाकथित फर्जी एवं अपात्र भूखण्ड पट्टाधारीयों का पर्दें के पिछे से पक्ष लेकर कोयले की दलाली में काले हाथ कियें है
अपने काले हाथों को छूपाने के लिए इनहोने अपनी ओर से पूरी निष्ठा से महन्त की है कि मामला यथावत रह कर फाईलों में दबा रहे और फिर अपने प्रभाव से अवैध को वैध करने का धन्दा चलाया जाए, लेकिन वर्तमान नगर परिषद के वर्तमान एजेंडे से इनके अरमानों पर फिरता लग रहा है, वहीं अगर वर्तमान नगर परिषद में भी कोई प्रदाधिकारी किसी फर्जी एवं अपात्र पट्टाधारीयों का पक्ष लेते हैं तो यह धामनोद नगर के लिए दुर्भाग्यवश होगा|
इनका कहना है-

लक्ष्मीकांत शर्मा मुख्य नगर पालिका अधिकारी धामनोद का कहना है कि पूर्व ग्राम पंचायतों ने अनुदान में जारी किये एसे भूखण्ड पट्टे जिन पर मकान निर्माण नहीं हुआ है
वह भूखण्ड निरस्त करने हेतु परिषद की बैठक में निर्णय लिये जाने के लिए एजेंडे में लिया है |
बहुमत पर निरस्त किये जाएगें पट्टें-

नगर परिषद उपाध्यक्ष रेवाशंकर राव ने बताया है कि एसे भूखण्ड पट्टे एजेंडे में लिए है अगर बहुमत होता है तो निरस्त किये जाना है|
जो गलत है वह गलत है-

धामनोद नगर एवं जिले की राजनीति में सक्रिय पिछड़ा मोर्चा जिला महामंत्री जितेन्द्र सोनी का कहना है कि जो गलत है वह गलत है चाहे कोई भी हो, उक्त पट्टा प्रमाण पत्रों पर लिखा हुआ है कि भूखण्ड आवंटन के 6 माह के भीतर मकान निर्माण नहीं किया तो भूखण्ड पट्टा स्वत निरस्त माना जाएगा तो वह वैसे ही निरस्त हैं, अब नगर परिषद को फैसला करना है|
अनुदान में भूखण्ड पट्टे संबधितों को मकान निर्माण कर रहने के लिए दिए थे-

नगर परिषद धामनोद में नेताप्रतिपक्ष सत्यनारायण पाटीदार ने कहा है कि पू्र्व ग्राम पंचायतों के कार्यकाल में अनुदान में मिले जिन भूखण्डों पर वर्षों से आवासीय निर्माण नहीं हुआ है तथा एक परिवार में एक से अधिक आवासीय भूखण्ड पट्टे है वै निरस्त होना चाहिए, अनुदान में आवासीय भूखण्ड पट्टे जरूरत मंदो को अपने लिए मकान बना कर निवास करने के लिए दिये थे बेचने के लिए नहीं|
पूर्व ग्राम पंचायत ने दिये फर्जी भूखण्ड पट्टे-

नगर के पिडित गरीब नागरिक बाबूलाल पिता अंबाराम पाटीदार का कहना है कि बिलकुल फर्जी एवं अपात्र लोगों के भूखण्ड पट्टे निरस्त होना चाहिए
पूर्व ग्राम पंचायतों ने फर्जी व अपात्र व्यक्तियों को शासकीय भूमि पर भूखण्ड पट्टे दियें है
जिस से फर्जी पट्टे को आधार बना कर बल पूर्वक कब्जे किए हैं और पात्र लोगों को भूखण्ड से बेदखल किया है, मैरे भूखण्ड पर अन्य को भी फर्जी पट्टा दिया है
जिस के बारे में मैरे द्वारा कई बार नगर परिषद एवं कलेक्टर तथा एसपी को भी आवेदन दिया गया है लेकिन संतुष्टपद जवाब नहीं मिला है|
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