धामनोद सीएमओ द्वारा अवैध भूखण्ड को वैध किये जाने तथा वैध भूखण्ड पट्टों को दर्ज नहीं करने को लेकर ज्ञापन दिया-
Last Updated: सितम्बर 10, 2020 " 09:10 अपराह्न"
ग्राम पंचायत कार्यकाल में छपवाये गये आवासीय भूखण्ड पट्टे एवं सरपंच की मोहर जप्त की जाये,
रतलाम:10, सितंबर 2020(स्पष्ट खबर)| पात्र गरीब परिवारों के नाम पर धनाठी एवं सम्पन्न परिवारों को अनुदान में फर्जी आवासीय भूखण्ड पट्टे देकर शासकीय भूमि पर कब्जा करवाने तथा नगर परिषद सीएमओ द्वारा अवैध भूखण्ड को वैध किये जाने , तथा वैध भूखण्ड पट्टों को दर्ज नही करने को लेकर धामनोद के नागरिकों ने कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर ओ एस को दिया गया | कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन में नागरिकों ने बताया कि वर्ष 2010 में धामनोद ग्राम पंचायत से नगर परिषद बनी हैं वर्ष 2010 के पूर्व ग्राम पंचायत कार्यालय में धामनोद में सैकड़ों फर्जी पट्टे अनुदान के नाम पर सरपंच ने दिया है| जिसमें नगर के सम्पन्न धनाठी परिवारों के व्यक्तियों को पति पत्नी प्रथक प्रथक आवासीय भूखण्ड पट्टे देने के अलावा तत्कालीन ग्राम पंचायत द्वारा एक परिवार में एक से अधिक, एवं नाबालिगों को भी आवासीय भूखण्ड पट्टे जारी किये है अपात्र परिवारों को अनुदान में दिये गये आवासीय भूखण्ड पट्टों पर वर्षों तक कोई निर्माण नहीं हुआ है जब की उक्त पट्टा प्रमाण पत्र पर लिखा हुआ है कि एक वर्ष में भूखण्ड पर निर्माण करना आवश्यक है अन्यथा पट्टा निरस्त माना जाएगा| वहीं ज्ञापन में बताया गया कि नगर में अनुदान में लिए गये कुछ आवासीय भूखण्डों पर 25, 20 , 15, तक के वर्ष बीत गयें है लेकिन इन पर कोई निर्माण नहीं हुआ, लेकिन नगर परिषद धामनोद के प्रभारी सीएमओ ने इन सभी फर्जी पट्टों को कार्यालय के संपत्ति कर अचल रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है और स्वत निरस्त पट्टों को वैध किया गया | जबकि कई पात्र लोग आजभी तत्कालीन समय के आवासीय भूखण्ड पट्टे लेकर दर दर भटक रहे हैं लेकिन उनके पट्टे मकान नगर परिषद के अचल संपत्ति कर रिकॉर्ड में दर्ज नही किया जा रहा है जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से भी वंचित होकर झोपड़ों, कच्चे मकानों, किराये के मकानों में रहने को मजबूर है|
प्रभारी सीएमओ, दैनिकवेतन भोगी कर्मचारी एवं पूर्व सरपंच की साठगांठ-
ज्ञापन में नागरिकों द्वारा आरोप लगाया गया की नगर परिषद धामनोद के प्रभारी सीएमओ लक्ष्मीकांत शर्मा, नगर परिषद के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी दिपक परमार, एवं वर्ष 2005 से 2009 तक के तत्कालीन सरपंच दयाराम खराडी ने साठ गांठ कर शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर कर गलत उपयोग किया है जिसकी जांच हेतु नगर परिषद का राजस्व रिकॉर्ड जप्त किया जा कर तत्कालीन सरपंच ने वर्ष 2005 से 2009 के अपने कार्यकाल में छपवाये गये आवासीय भूखण्ड पट्टे एवं सरपंच की मोहर जप्त की जाये, एवं पात्र गरीब जरूरतमंदों द्वारा जिस भूखण्ड पर निवास किया जा रहा है वे आवासीय भूखण्ड नगर परिषद के अचल रिकॉर्ड में इनके नाम पर दर्ज करवाने हेतु ज्ञापन दिया गया ज्ञापन देने वालो में राजाराम डोडियार, बाबूलाल पाटीदार , दिनेश मकवाना, मनोहर मारीवाड, राहुल निनामा,दिनेश पुरी, उमरावसिंह, पीरुसिंह , राहुल भुरियाा आदि उपस्थित थे|