अशोक गहलोत के ‘नकारा’ कॉमेंट पर बोले सचिन पायलट- ‘मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा’
Last Updated: अगस्त 11, 2020 " 02:04 अपराह्न"
सीएम गहलोत की ओर से नकारा कहे जाने पर सचिन पायलट ने कहा कि मैंने अपने परिवार से संस्कार पाया है। अगर किसी दूसरी पार्टी में मेरा कट्टर दुश्मन भी होगा तो मैं उनके लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करूंगा। अशोक गहलोत उम्र में मुझसे काफी बड़े हैं। व्यक्तिगत तौर पर मैंने हमेशा उनका मान सम्मान किया है।
जयपुर/नई दिल्ली जयपुर लौटने से पहले सचिन पायलट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हमारे संगठन और पार्टी के लिए जरूरी था। राजनीति में द्वेष, गलानी, दुर्भावना की कोई जगह नहीं होती है। मैंने हमेशा कोशिश की है कि राजनीतिक संवाद हो, शब्दावली हो। बहुत सोचसमझकर अपनी बातों को रखना चाहिए। किसी व्यक्ति की बात नहीं है, सिद्धांतों की बात है। हम लोगों खासकर कार्यकर्ताओं का जो मान सम्मान होना चाहिए था हमने उसको लेकर इश्यू जाहिर किया था। हम जिन मुद्दों पर चुनाव जीतकर आए वह मेर सौभाग्य रहा।
पायलट ने कहा कि जब राज्य में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 21 रह गई थी तब मुझे राहुल गांधी ने पार्टी को राज्य में दोबारा खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे मैंने बखूबी निभाया। मैंने पांच साल विपक्ष में रहते हुए धरना, प्रदर्शन, लाठी चार्ज, पुलिस घेराव, भूख हड़ताल का सामना करते हुए चुनाव में गए और कांग्रेस के 100 से ज्यादा विधायक जीतकर आए। ऐसे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती थी कि कार्यकर्ताओं के मान सम्मान का ख्याल रखा जाए। उनकी मांगें मानी जाए। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरें। कार्यकर्ताओं का ख्याल रखना पूरी पार्टी की जिम्मेदारी थी, लेकिन हमने डेढ साल में जो काम किए उसमें कार्यकर्ताओं की बात को पूरा नहीं कर पा रहे थे। इसलिए हमें लगा कि दिशा बदलनी चाहिए। अगर हम सरकार बनाने के बाद वादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी पीड़ा पार्टी फोरम पर रखें। हमने राहुल और प्रियंका जी से बातचीत के दौरान इन सारी बातों को रखा। उन्होंने सारी बातें ध्यान से सुना और सारे वादों के निराकरण का आश्वासन दिया है।
सीएम गहलोत की ओर से नकारा कहे जाने पर सचिन पायलट ने कहा कि मैंने अपने परिवार से संस्कार पाया है। अगर किसी दूसरी पार्टी में मेरा कट्टर दुश्मन भी होगा तो मैं उनके लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करूंगा। पायलट ने कहा कि राजनीति में बयान सोच समझकर देना चाहिए। शब्दों का चयन सही हो यह जरूरी है। अशोक गहलोत उम्र में मुझसे काफी बड़े हैं। व्यक्तिगत तौर पर मैंने हमेशा उनका मान सम्मान किया है। लेकिन वर्किंग में अगर मुझे कुछ दिखेगा तो मैं उसपर विरोध जाहिर करूंगा यह मेरा अधिकार है। लेकिन जिस प्रकार की टिका टिप्पणी हुई उसपर मैं कोई कॉमेंट करुं यह ठीक नहीं है। बस इतना कहूंगा कि जो भी आरोप लगाए गए उसका सच सामने आ चुका है। सचिन पायलट ने कहा कि मैंने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि मैं कांग्रेस में ही रहूंगा। हमने सबके सहयोग से सरकार बनाई। मुझे लगा कि सरकार और और संगठन मिलकर काम करेगी।