मध्य प्रदेश में 1 जनवरी से साइबर तहसील की होगी व्यवस्था, CM ने लोकार्पण के लिए अमित शाह को किया आमंत्रित
Last Updated: दिसम्बर 30, 2023 " 09:57 पूर्वाह्न"
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होनें शाह से साइबर तहसील व्यवस्था के लोकार्पण का अनुरोध किया, जिसे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने स्वीकार कर लिया है।
नए वर्ष के पहले दिन मध्य प्रदेश में साइबर तहसील की अवधारणा लागू होने जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव यादव ने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मध्य प्रदेश की जनता को दी गयी संकल्प-पत्र 23 की गारंटियों की पूर्ति के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने एक जनवरी 2024 से पूरे प्रदेश में साइबर तहसील की अवधारणा लागू करने का निर्णय लिया है।
मोहन यादव के अनुसार साइबर तहसील व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के उपयोग से बिना पृथक से आवेदन दिए पारदर्शी तरीके से रजिस्ट्री के 15 दिन की समय-सीमा में क्रेता के पक्ष में नामांतरण किया जा सकेगा। खसरा-नक्शा में भी तत्काल सुधार करने की सुविधा भी उपलब्ध होगा।
प्रथम चरण में इस प्रक्रिया को केवल ऐसे अविवादित प्रकरणों में लागू किया जा रहा है, जहां विक्रय पूरे खसरे का है। बाद में इसे सभी प्रकार के अविवादित नामांतरण और बँटवारे में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, साइबर तहसील के माध्यम से पेपरलेस, ऑनलाइन और फ़ेसलेस प्रक्रिया से नामांतरण होने से मध्य प्रदेश शासन सुशासन से सुराज की दिशा में आगे बढ़ेगा।
बताते चलें कि साइबर तहसील व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट मई, 2022 में सबसे पहले सीहोर, दतिया में शुरू किया गया था। अब तक इसका विस्तार 442 तहसीलों में हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक इस व्यवस्था के तहत 16 हजार से अधिक प्रकरणों का निकारण अभी तक हो चुका है।