Ratlam: हजारों की संख्या में हिन्दू समाज ने निकाली आक्रोश रैली, एसपी, एएसपी सहित 7 पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, सौंप ज्ञापन
Last Updated: सितम्बर 12, 2024 " 09:46 पूर्वाह्न"
रतलाम। गणेश चतुर्थी की रात को हिन्दू समाज के लोगों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई से समाज में काफी आक्रोश है। इसके विरोध में बुधवार को हिंदू समाज के द्वारा मौन रैली निकाली गई। आक्रोश रैली में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभाषक, संत समाज समेत सभी वर्ग के लोगों ने मौन रैली के रुप में कलेक्टोरेट पंहुचकर एसपी, एएसपी समेत 7 पुलिस अधिकारियों व एक पटवारी की नामजद शिकायत और इन सभी के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मंगलवार रात करीब आठ बजे हिंदू समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद बुधवार दोपहर समाज स्तर पर ज्ञापन की घोषणा की घई। रात करीब 12 बजे शासन ने एसपी राहुल लोढ़ा का तबादला कर नरसिंहपुर एसपी अमित कुमार को रतलाम का नया एसपी पदस्थ कर दिया।माना जा रहा था कि इस कार्रवाई से आक्रोश कम होगा, लेकिन बुधवार को कालिका माता मंदिर परिसर से दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुई रैली में बड़ी संख्या में सर्वहिंदू समाजजन शामिल हुए।
हिन्दू जागरण मंच के बैनर तले निकाली गई आक्रोश रैली कालिका माता मन्दिर परिसर से प्रारंभ हुई। रैली में शामिल लोग अपने हाथों में पुलिस क्रूरता के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। कई लोगों ने मृत युवक प्रकाश उर्फ राजू मईडा के फोटो वाली तख्तियां भी हाथों में उठाई हुई थी। आक्रोश रैली मौन रैली थी, लेकिन कलेक्टोरेट पंहुचने के बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी प्रारंभ कर दी।
प्रदर्शनकारियों से भरा कलेक्टोरेट
रैली के कलेक्टोरेट पंहुचने के बाद पूरा परिसर प्रदर्शनकारियों से खचाखच भर गया। प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन लेने के लिए भी काफी मशक्कत करना पड़ी। आक्रोशित लोगों को शांत करने में आयोजकों को काफी मेहनत करना पडी। नारेबाजी समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन का वाचन किया गया। हिन्दू जागरण मंच के कमलेश ग्वालियरी,राजेश कटारिया व अन्य नेताओं ने कलेक्टर राजेश बाथम को ज्ञापन सौपा।
मृतक के भाई को पुलिस ने दी धमकी –
जनाक्रोश रैली में आए मृतक प्रकाश मईडा के भाई अमर ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसे उसका घर तोडने की धमकी दी थी। इसी डर से उसने ना तो अपने भाई का पोस्टमार्टम करवाया और ना ही किसी को यह बात बताई थी। अमर ने बताया कि पुलिस मारपीट में घायल हुए प्रकाश के शरीर के निचले हिस्से ने पूरी तरह काम करना बन्द कर दिया था। उसे जीवांश अस्पताल में भर्ती कराया था,लेकिन बाद में उसकी हालत बिगड गई और उसकी मौत हो गई। भाई की मौत के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाते हुए कहा था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसका घर तोड़ दिया जाएगा। इसी डर के कारण उसके परिजनों ने मृतक का बहुत जल्दी में अंतिम संस्कार कर दिया था।
रैली में हिंदू जागरण मंच के कमलेश ग्वालियरी, राजेश कटारिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महामंत्री निर्मल कटारिया, पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल, गोविंद काकानी, अशोक चोटाला, प्रवीण सोनी, आशीष सोनी, वीरेंद्र वाफगांवकर, मनोहर पोरवाल, गोपाल काकानी, विकास कोठारी, जयेश राठौड़, मनीष शर्मा, यतिंद्र भारद्वाज आदि मौजूद रहे।