MP मंत्रि-परिषद के फैसले : प्रदेश के विकास के लिए 41 हजार करोड़ की सौगात
Last Updated: सितम्बर 1, 2026 " 08:48 अपराह्न"
मंत्रि-परिषद के फैसले : प्रदेश के विकास के लिए 41 हजार करोड़ की सौगात
भोपाल (स्पष्ट खबर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्याणकारी निर्णयों को स्वीकृति प्रदान की गई।
वीबी जी राम जी योजना के लिए 29,619 करोड़ का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने ‘विकसित भारत: रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी जी राम जी योजना’ के क्रियान्वयन का अनुसमर्थन किया। यह योजना 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3,183 करोड़ तथा 2026-27 से 2030-31 तक कुल 26,436 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र और राज्य का अंश 60:40 रहेगा। योजना में पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और हर छह माह में सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य किया गया है।
दुग्ध उत्पादकों के लिए 2,973 करोड़ की योजना
दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण और सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26,000 गांवों तक, दुग्ध संकलन 12 लाख से 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन, प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख से 63.3 लाख लीटर और पैकेट विक्रय 7 लाख से 35 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा।
सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
पश्चिम भोपाल बायपास 4 लेन (35.61 किमी) के निर्माण के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर 3,774 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित होने और प्राचीन शिव मंदिर (समसगढ़) के कारण इसके अलाइनमेंट में परिवर्तन किया गया। इसके बनने से जबलपुर और नर्मदापुरम से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर से नहीं गुजरना पड़ेगा और 21 किमी दूरी कम होगी।
इसी तरह मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग (67.116 किमी, 4 लेन) के लिए 3,272 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यह मार्ग विदिशा-चंदेरी से शुरू होकर नेशनल हाईवे-44 को जोड़ेगा और बीना रिफाइनरी क्षेत्र में औद्योगिक यातायात के लिए महत्वपूर्ण होगा।
आरजीपीवी का पुनर्गठन, 3 नई यूनिवर्सिटी बनेंगी
तकनीकी शिक्षा में क्षेत्रीय संतुलन के लिए आरजीपीवी भोपाल का पुनर्गठन कर तीन नए विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। भोपाल में मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन में मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय और जबलपुर में महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित होंगे। वर्तमान में आरजीपीवी के अंतर्गत 585 संस्थाएं और 3.83 लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। इन्हें संभागवार विभाजित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,400 करोड़
स्वास्थ्य संस्थाओं में मशीन एवं उपकरणों के अनुरक्षण के लिए 488.41 करोड़ और विभागीय परिसंपत्तियों जैसे मॉड्यूलर किचन, मॉड्यूलर ओटी के संधारण के लिए 915.77 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालित होगी।
नवीन जिलों में पदों का सृजन
मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालय के लिए 21 पद तथा निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के संचालन के लिए 20 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
मूंग उपार्जन 60 प्रतिशत तक होगा
किसानों के हित में ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के मुख्यमंत्री के निर्णय का मंत्रि-परिषद ने अनुसमर्थन किया।