बजट 2021: गाड़ी, मोबाइल, शराब खरीदना महंगा, जानिए बजट के बाद क्‍या-क्‍या हुआ सस्‍ता

  
Last Updated:  फ़रवरी 1, 2021 " 07:18 अपराह्न"

नई दिल्‍ली|वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डायरेक्‍ट टैक्‍स देने वालों को आम बजट 2021 में कोई राहत नहीं दी है। सरकार ने शराब, काबुली चना, मटर, मसूर की दाल समेत कई उत्‍पादों पर कृषि इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर सेस लगाने की भी घोषणा की है। वित्‍त मंत्री ने इस साल कस्‍टम्‍स में 400 से ज्‍यादा छूटों की समीक्षा करने का प्रस्‍ताव दिया है। वित्‍त मंत्री ने अप्रत्‍यक्ष करों में बदलाव की घोषणा जरूर की है। कई तरह के कच्‍चे माल पर कस्‍टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है। कुछ स्‍टील उत्‍पादों पर ड्यूटी हटा दी गई है। इसके अलावा कॉपर स्‍क्रैप पर ड्यूटी को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया गया है। मोबाइल्‍स के कुछ पार्ट्स पर अब 2.5% ड्यूटी चुकानी होगी। आइए जानते हैं बजट के बाद क्‍या महंगा और क्‍या सस्‍ता होने वाला है।

क्‍या हुआ महंगा?

  • कॉटन
  • सिल्‍क
  • प्‍लास्टिक
  • लेदर
  • इलेक्ट्रॉनिक्‍स आइटम्‍स
  • ऑटो पार्ट्स
  • सोलर प्रॉडक्‍ट्स
  • मोबाइल
  • चार्जर
  • इम्‍पोर्टेड कपड़े
  • रत्‍न (जवाहरात)
  • LED बल्‍ब
  • फ्रिज/एसी
  • शराब

क्‍या हुआ सस्‍ता?

  • नायलॉन के कपड़े
  • लोहा
  • स्‍टील
  • कॉपर आइटम्‍स
  • सोना
  • चांदी
  • प्‍लेटिनम

कृषि सेस भी लगाया गया, बढ़ेंगी कीमतें
बजट 2021 में वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि कुछ सामानों पर एग्रीकल्चर इन्फ्रा डिवेलपमेंट सेस (कृषि अवसंरचना विकास उपकर) लगाया जाएगा जिसका लाभ किसानों को दिया जाएगा। लोन के 1.5 लाख रुपए तक की राशि पर ब्याज पर छूट की स्कीम एक साल बढ़ा दी गई है। सोना और चांदी पर 2.5 प्रतिशत, सेब पर 35 प्रतिशत, विशेषीकृत उर्वरकों पर 5 प्रतिशत, कोयला, लिग्नाइट, पेट कोक पर 1.5 प्रतिशत कृषि बुनियादी उपकर लगाया गया। कच्चे पाम तेल पर 17.5%, कच्चे सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल पर 20% कृषि अवसंचरना उपकर लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। शराब पर 100 प्रतिशत कृषि बुनियादी ढांचा उपकर लगाया गया। नया कृषि अवसंरचना विकास उपकर दो फरवरी 2021 से लागू होगा।

बजट पर क्‍या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के बजट पर कहा कि इसमें ‘आत्मनिर्भरता के साथ-साथ समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।’ उन्‍होंने कहा कि ‘यह सकारात्मक बजट है जिसमें संपत्ति बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य व सुख-सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।’ पीएम ने कहा कि ‘बजट आम लोगों, निवेशकों, उद्योगों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिये कई सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह बजट देश के सभी भागों के चौतरफा विकास की बात करता है।’


बीमा सेक्‍टर में FDI लिमिट बढ़ी
सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(FDI) की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सभी वित्तीय उत्पादों के लिए निवेशक चार्टर पेश किया जाएगा। यह सभी वित्तीय निवेशकों का अधिकार होगा। सीतारमण ने कहा कि नए ढांचे के तहत ज्यादातर निदेशक और बोर्ड तथा प्रबंधन स्तर के अधिकारी निवासी भारतीय होंगे। कम से कम 50 प्रतिशत निदेशक स्वतंत्र निदेशक होंगे। इसके अलावा मुनाफे का एक निश्चित प्रतिशत सामान्य आरक्षित निधि के रूप में रखा जाएगा।

 2,000 total views

Facebook Comments

Related Posts

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *