भारत सरकार ने पतंजलि से कहा, कोरोना के इलाज का दावा करने वाली दवा का रोकें प्रचार
Last Updated: जून 23, 2020 " 05:41 अपराह्न"
नई दिल्ली: भारत सरकार ने पतंजलि से कोरोना वायरस की दवा का विज्ञापन बंद करने को कहा है। दरअसल, योग गुरु बाबा रामदेव ने कोरोनावायरस की दवा ‘कोरोनिल’ को मंगलवार को बाजार में उतार कर दावा किया कि आयुर्वेद पद्धति से जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और शोध के बाद बनी यह दवा शत-प्रतिशत मरीजों को फायदा पहुंचा रही है। हालांकि कुछ घंटे के भीतर ही आयुष मंत्रालय ने मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए अहम फैसला लिया। सरकार ने रोका, मांगी डीटेल पतंजलि योगपीठ के प्रमुख बाबा रामदेव ने इस दवा को लॉन्च करते हुए क्लिनिकल ट्रायल में इसके सफल परिणामों का दावा किया है। इस दवा को मंगलवार से ही बाजार में उतारने का दावा किया गया था। इस मामले पर सरकार ने पतंजलि से कहा है कि इसका प्रचार-प्रसार तुरंत बंद किया जाए। सरकार ने कहा कि अभी इस दवा की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई है और सरकार को इस बारे में नहीं पता है इसलिए अभी तत्काल प्रभाव से इसका प्रचार-प्रसार रोका जाए।
पतंजलि का दावा कोरोना वायरस को हराने के लिए पतंजलि ने पहले चरण के सफल ट्रायल के बाद इस दवा को बनाने में सफलता हासिल कर ली। यह मुख्य रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और कोरोना वायरस के संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकने का कार्य करेगी। इस बारे में डॉ. जयदीप आर्य ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी है कि यह औषधियां रेस्पिरेट्री सिस्टम से लेकर पूरे शरीर की ऊर्जा को संतुलित करती हैं एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं। पतंजलि के द्वारा इस तरह का नाम आयुर्वेदविजय कोरोनिल रखा गया है। इसके साथ-साथ ट्रायल में यह भी देखा गया कि दवा से 3 दिन में 69% की रिकवरी भी होती है।
3 दिनों में 69% तक रिकवरी का दावा बाबा रामदेव ने इसके बारे में बताया कि पूरी रिसर्च के बाद कोरोना की दवा तैयार की गई है। 280 संक्रमित मरीजों पर किए गए अध्ययन के दौरान यह देखा गया है कि 3 दिनों में 69% तक रिकवरी हो गई और मरीज को ठीक करने में काफी कम वक्त लगा। फिलहाल बताया गया है कि यह दवा रेस्पिरेट्री सिस्टम को मजबूत बनाएगी और कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने के लिए प्रभावी रूप से कार्य करेगी।