मतदाता-सूची पुनरीक्षण में दावे-आपत्तियों की तारीख का हो व्यापक प्रचार-प्रसार

  
Last Updated:  जनवरी 13, 2021 " 06:43 अपराह्न"

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने दिये जिला कलेक्टर्स को निर्देश 

भोपाल| नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन के लिये एक जनवरी, 2021 की संदर्भ तारीख के आधार पर फोटोयुक्त मतदाता-सूची के पुनरीक्षण का कार्य जारी है। मतदाता-सूची पर दावे-आपत्तियाँ प्राप्त करने के लिये निर्धारित अवधि 8 से 15 फरवरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाये, जिससे पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता-सूची में जुड़वा सकें। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बसंत प्रताप सिंह ने यह निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये। श्री सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायत निर्वाचन के संबंध में जिला कलेक्टर्स से चर्चा कर रहे थे। मतदाता-सूची का अंतिम प्रकाशन 3 मार्च को होगा।

कोविड से मृत्यु पर मिलेंगे 30 लाख रुपयेनगरीय निकायों तथा त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन में लगने वाले पोलिंग अमले एवं ईव्हीएम मशीनों की एफएलसी के लिये नियुक्त इंजीनियरों की निर्वाचन ड्यूटी के दौरान कोविड-19 से मृत्यु पर 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी जायेगी।

निष्पक्ष होने के साथ ही निष्पक्ष दिखें भी

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि मतदाता-सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की नियमित मॉनीटरिंग आयोग स्तर पर भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता-सूची बनाने का कार्य पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से करें। निष्पक्ष होने के साथ ही निष्पक्ष दिखें भी।

श्री सिंह ने बताया कि मतदाता-सूची के प्रकाशन के बाद निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष और महापौर का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से मतदाताओं द्वारा किया जायेगा। नगरीय निकाय चुनाव 2 चरण और पंचायत चुनाव 3 चरण में हो सकते हैं।

ईव्हीएम से होगा मतदान

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि नगरीय निकायों में महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद तथा पंचायत निर्वाचन में जिला पंचायत सदस्य और जनपद पंचायत सदस्य के लिये मतदान ईव्हीएम के माध्यम से होगा। सरपंच और पंच के लिये मतदान मत-पत्र एवं मत-पेटी के माध्यम से होगा। कोविड-19 के कारण मतदान के समय में एक घंटे की वृद्धि की जायेगी। मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा। नगरीय निकायों के आम निर्वाचन में व्यय लेखा पार्षदों के लिये भी लागू होगा। सभी अभ्यर्थियों को 30 दिन में व्यय-लेखा देना अनिवार्य होगा।

आई.टी. का करें समुचित उपयोग

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में आई.टी. का समुचित उपयोग करें। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा आईईएमएस, चुनाव एप सहित अनेक आई.टी. टूल्स आपकी सुविधा के लिये बनाये गये हैं। आवश्यकतानुसार वर्चुअल मोड में ट्रेनिंग करवाई जायेगी।

उप सचिव श्रीमती अजीजा सरशार जफर ने पंचायत चुनाव, आई.टी., उप सचिव श्री सुतेश शाक्या ने प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार की गतिविधियाँ, अवर सचिव श्री प्रदीप शुक्ला ने मतदाता-सूची बनाने की प्रक्रिया, अवर सचिव श्री राजेश यादव ने वीडियोग्राफी तथा स्ट्रांग-रूम और मुख्य लेखाधिकारी श्रीमती सुजाता रघुवंशी ने वित्तीय प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दुर्ग विजय सिंह और आयोग की ओएसडी श्रीमती सुनीता त्रिपाठी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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