MP: राज्यपाल को सीढ़ियां चढ़ना पड़ा, SDO और सब इंजीनियर सस्पेंड
Last Updated: जुलाई 12, 2021 " 04:08 अपराह्न"
भोपाल | 77 साल के राज्यपाल को शपथ ग्रहण समारोह में सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने राजभवन का मेंटेनेंस देख रहे SDO दिनेश कुशवाहा और सब इंजीनियर हेमंत झारिया को सस्पेंड कर दिया है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज भवन की लिफ्ट खराब थी। राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल को मध्यप्रदेश में अपने पहले दिन सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ा। इस मामले में भले ही 2 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया लेकिन मामले की गंभीरता कम नहीं होती। जो लोक निर्माण विभाग राजभवन का मेंटेनेंस नहीं कर सकता वह मध्य प्रदेश के दूरदराज वाले भवनों का मेंटेनेंस क्या करता होगा। सूत्रों के मुताबिक राजभवन में मेंटेनेंस की जिम्मेदारी एसडीओ दिनेश कुशवाहा और सब इंजीनियर हेमंत झारिया के पास थी। बताया जाता है कि दोनों इंजीनियर सीएम हाउस में भी तैनात थे। एसडीओ कुशवाहा को लापरवाही के चलते यहां से हटा दिया गया था। उनके स्थान पर एएस चौहान को SDO बनाया गया था, लेकिन कुशवाहा ने चार्ज नहीं छोड़ा। इसी तरह उपयंत्री हेमंत झारियां को लापरवाही और भ्रष्टाचार जैसे आरोपों के चलते मुख्यमंत्री निवास से बाहर किया गया था। उपयंत्री का राजभवन से भी तबादला किया जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद राजभवन का काम झारियां द्वारा देखा जा रहा था। जबकि उनके तबादले के बाद उपयंत्री मीताली को तैनात किया जा चुका था।
जिम्मेदारी तो प्रमुख सचिव की भी बनती है
इस मामले में जिम्मेदारी तो प्रमुख सचिव की भी बनती है। मध्य प्रदेश की राजधानी में कार्यक्रम था। राज्यपाल महोदय का शपथ ग्रहण कार्यक्रम था। यह कोई आम कार्यक्रम नहीं था। प्रमुख सचिव को चाहिए था कि वह सुनिश्चित करें कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनके डिपार्टमेंट के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं या नहीं। गुड गवर्नेंस उसे कहते हैं जो समस्या आने से पहले उसे ठीक कर दे, सस्पेंड करना गुड गवर्नेंस नहीं बल्कि बेड मैनेजमेंट को प्रमाणित करता है।