Ratlam:जनसुनवाई में आए 24 आवेदन निराकरण के लिए संबंधित विभागों को भेजे गए
Last Updated: जनवरी 23, 2024 " 06:26 अपराह्न"
रतलाम। मंगलवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई में 24 आवेदन प्राप्त हुए जिन्हें निराकरण के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर आर.एस. मण्डलोई तथा सीइओ जिला पंचायत अमन वैष्णव ने जनसुनवाई की।
जनसुनवाई के दौरान ग्राम करवाखेडी निवासी नानालाल सूर्यवंशी ने बताया कि प्रार्थी द्वारा शासन द्वारा आयोजित किसान सम्मान निधि से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग को जमा करवा दिए गए हैं परन्तु अभी तक उक्त योजना का लाभ प्रार्थी को प्राप्त नहीं हुआ है, कृपया योजना का लाभ प्रदान किए जाने की कृपा करें। आवेदन निराकरण के लिए तहसीलदार ताल को प्रेषित किया गया है। रामनगर रतलाम निवासी गुड्डीबाई ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थिया की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है और आय का कोई साधन नहीं होने से मकान का किराया भरने में में काफी परेशानियों का सामना करना पडता है। कृपया प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराया जाए। आवेदन निराकरण के लिए आयुक्त नगर निगम को भेजा गया है।
रतलाम निवासी सुमन चौहान ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि प्रार्थिया अपने विकलांग पति के साथ क्षतिग्रस्त रेलवे मकान में निवास करते हैं। पूर्व में सैलाना ब्रिज के नीचे झुग्गी बनाकर निवास करते थे जिसे शासन द्वारा तोड दिया गया था तब से मजबूरीवश रेलवे के क्षतिग्रस्त मकान में निवास कर रहे हैं जहां बहुत गंदगी है और जानवरों का खतरा भी बना रहता है। यदि हमें शासन द्वारा चलाई जा रही आवास योजनान्तर्गत आवास उपलब्ध करवा दिया जाए तो हम पति-पत्नी अपना जीवन खुशी के साथ बिता सकेंगे। आवेदन निराकरण के लिए नगर निगम भेजा गया है।
ग्राम रायपाडा निवासी लक्ष्मणसिंह डोडियार ने आवेदन देते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा अलकाखेडा से झोली चन्द्रगढ तक का निर्माण मार्च 23 में चालू किया गया था जिस पर कच्ची मिट्टी व गिट्टी डालकर कार्य बीच में ही अधूरा छोड दिया गया है जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पडता है। अतः उक्त निर्माण कार्य की जांच की जाकर ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। आवेदन ई.ई. पीडब्ल्यूडी को निराकरण के लिए भेजा गया है। रानीगांव निवासी दातारसिंह राजपूत ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि प्रार्थी की कृषि भूमि ग्राम में ही स्थित है। उक्त कृषि भूमि की पैमाईश वर्ष 1957-58 में नक़्शे के अनुसार पूर्व पश्चिम थी, परन्तु आनलाईन नक़्शे में उक्त भूमि की पैमाईश उत्तर से दक्षिण कर दिया गया है जिससे पडौसी कृषक द्वारा आए दिन विवाद होता रहता है। कृपया उक्त कृषि भूमि की पैमाईश में सुधार कर पूर्वानुसार किए जाने की कृपा करें। आवेदन निराकरण के लिए तहसील पिपलौदा को भेजा गया है।