रतलाम। हाथ से मेंला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनके पुनर्वास अधिनियम के प्रावधान अनुसार गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि रतलाम जिला अंतर्गत हाथ से मेला ढोने की प्रथा बंद होने से किसी भी निकाय में हाथ से मेला ढोने का कार्य नहीं किया जाता है।सफाई कार्य से जुड़े वर्ग को शासन की कल्याणकारी योजनाओं में बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिनियम के प्रावधान के तहत अपराधों के पंजीकरण, जांच और अभियोजन का अनुश्रवण ही किए जाने का प्रावधान है किंतु जिले में अब तक कोई भी प्रकरण पंजीबद्ध नहीं हुआ है।
जिले की 9 नगरीय निकायों में स्वच्छता कार्य के लिए 301 नियमित, 327 स्थाई कर्मी, 1040 दैनिक वेतनभोगी सफाई संरक्षक कार्यरत हैं। सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए 12 मशीन उपलब्ध है, सभी निकायों में सेप्टिक टैंक सक्शन मशीन द्वारा ही खाली करवाया जा रहा है। आवश्यक सुरक्षा उपकरण कार्मिकों को उपलब्ध कराए जाते हैं। सभी निकायों में एमआरएफ तथा एफटीपी प्लांट निर्मित होकर क्रियाशील हैजिले के नगर निगम रतलाम के अलावा अन्य निकायों में सिवर लाइन नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान में उपलब्ध वैक्यूम क्षेत्र मशीन की क्षमता 60 फीट के टैंक खाली करने की है। उक्त मशीन बड़ी होने से छोटी तथा सकरी गलियों में नहीं जा पाती है, समस्या के समाधान के लिए नवीन जेट्टिंग मशीन उपलब्ध कराए जाने हेतु शासन के संज्ञान में तथ्य लाया जाना आवश्यक है। श्रीमती सुमित्राबाई पति भागीरथ सफाई संरक्षक निगम रतलाम द्वारा सफाई संरक्षकों की आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की मांग की गई।
इसके संबंध में मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी से उक्त संबंध में विस्तृत विवरण प्राप्त करके निकायों द्वारा कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, संयुक्त कलेक्टर अनिल भाना, सहायक आयुक्त श्रीमती रंजना सिंह, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अरुण पाठक, सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया, अनवर गौरी, दिलीप श्रीवास्तव, नासिर अली, जगदीश भैरव, स्वास्थ्य अधिकारी ए.पी. सिंह, पश्चिम रेलवे सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बी.के. सेक्वार आदि उपस्थित रहे।