Ratlam: जलगंगासंवर्धन_अभियान से प्रेरणा लेकर कुआंझागर के ग्रामीणों ने नदी गहरीकरण प्रारंभ किया
Last Updated: जून 8, 2024 " 09:27 अपराह्न"
रतलाम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार रतलाम जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान ने गति पकड़ ली है। गांव-गांव, शहर-शहर अभियान की अलख जगी है, इससे रतलाम ग्रामीण के कुआंझागर ग्राम के ग्रामीण भी अछूते नहीं रहे हैं। शासकीय अमला गांव में पहुंचा और ग्रामीणों को अभियान की जानकारी दी तो ग्रामीण अपनी स्थानीय नदी के गहरीकरण के लिए उत्साह के साथ पहुंचे और तगारी-फावड़े के साथ गहरीकरण में जुट गए हैं।
गांव के पन्नालाल ने कहा कि नदी हमारी धरोहर है, गांव के पर्यावरण की सुंदरता इस नदी से है परंतु कई वर्षों से आसपास के खेतों से मिट्टी गिरकर नदी में पहुंच रही है जिस कारण नदी उथली हो गई है, नदी की गहराई समाप्त हो गई है लेकिन अब शासन के इस जल गंगा संवर्धन अभियान ने हमें प्रेरणा दी है कि हम हमारे गांव की नदी को पुनः संवार दें।
कुआंझागर से बहने वाली इस नदी का उद्गम धराडखेडा से होकर आगे माही नदी में मिल जाती है। नदी गहरीकरण के प्रारंभ दिवस पर 50 से लेकर 100 ग्रामीण तगारी-फावड़े लेकर आए तथा नदी गहरीकरण के लिए श्रमदान किया। पहले दिन ही लगभग चार ट्रैक्टर-ट्राली मिट्टी एवं गाद निकालकर आसपास के खेतों में डाली गई। गांव के ओमप्रकाश पाटीदार तथा कपूरचंद ने अपनी ट्रैक्टर-ट्राली से नदी की मिट्टी एवं गाद भरकर आसपास के खेतों में पहुंचने का अनुकरणीय योगदान दिया। ग्रामीण प्रसन्न है कि अभियान की प्रेरणा से इस नदी का पुनरुत्थान होने जा रहा है।