संभल में DM-SP ने 46 साल बाद खोला मंदिर का ताला, घंटी बजाकर की जय- जयकार
Last Updated: दिसम्बर 15, 2024 " 09:26 पूर्वाह्न"
Uttarpradesh: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के बाद भड़की हिंसा के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख बरकरार है। इसी कड़ी में प्रशासन ने बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया तो शनिवार को मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित एक घर में प्राचीन शिव मंदिर मिला। बिजली चेकिंग के लिए संभल में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान नखासा थाना क्षेत्र के मुहल्ला दीपा सराय से सटे खग्गू सराय में स्थित एक मंदिर पर लटके ताले को देख अभियान का नेतृत्व कर रहे डीएम एसपी रुके और ताला खुलवा कर देखा तो उसके में मंदिर नजर आया।
लोगों ने बताया कि उक्त मंदिर 46 साल से बंद पड़ा है। मुस्लिमों के गढ़ में स्थित इस मंदिर में जाने का साहस अभी तक हिंदुओं में नहीं था। पुराने शिव मंदिर को डीएम एसपी ने खुलवा दिया है। इसको लेकर शहर ही नहीं जिले भर में हलचल है। जिलाधिकारी ने मंदिर का जीर्णोद्वार कराने की बात कही है।
बिजली विभाग की टीम का चेकिंग अभियान-
लाइन लास से परेशान बिजली विभाग की टीम ने जब भी संभल के मुस्लिम वाहुल्य मुहल्लों में चेकिंग करने का प्रयास किया उन्हें मारपीट कर खदेड़ दिया गया। अब चेकिंग की कमान पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी ने स्वयं संभाली है। इसी क्रम में तडके पुलिस व पीएसी के साथ शहर के मुस्लिम वाहुल्य मुहल्ला खग्गू सराय बिजली विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया।
साथ ही, शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। प्रशासन की टीम ने इलाके में सड़कों, नालों से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में 300 से अधिक मकानों में बिजली चोरी पकड़ी गई। इनमें कई मस्जिदें भी शामिल हैं।
टीम ने पाया कि एक मस्जिद में 59 पंखे, एक फ्रिज, वॉशिंग मशीन और 25-30 लाइट प्वाइंट बिजली चोरी से चलाए जा रहे थे। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन गौतम ने बताया कि दोषियों पर कार्रवाई हो रही है। पुलिस ने बिजली विभाग की टीमों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में दो प्लाटून पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
यहां एक मंदिर जैसा गुम्मद देख अफसर रुके और उस पर वर्षो पुराना लटका ताला देख खुलवा कर देखा। यह जर्जर हालत में शिव मंदिर था। सामने हनुमान जी की मूर्ति और नीचे शिवलिंग पर मिट्टी व मलबे की पर्त चढ़ी हुई थी। मौके पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र व सीओ अनुज चौधरी जूते उतार कर अंदर पहुंचे और शिवलिंग के आसपास से मलवा हटाकर साफ सफाई की। यहां पूर्व में चढ़ाए गए कुछ सिक्के भी मिले।
पहले थी हिंदू आबादी
मंदिर में शिवलिंग और हनुमान जी को नमन करते हुए घटा बजाकर भगवान की जय-जयकार की। मौके पर तमाम लोंगों की भी एकत्र हो गई। यहां अधिकारियों ने कुछ लोगों से जानकारी की तो पता लगा कि पहले यहां हिंदू आबादी थी, लेकिन फिर यह इलाका मुस्लिम आबादी से भर गया।
1978 के सांप्रदायिक दंगो में क्या हुआ?
नगर हिन्दू सभा के संरक्षक विष्णु सरन रस्तौगी ने बताया कि पहले यहां हिंदू आबादी हुआ करती थी। लेकिन 1978 के सांप्रदायिक दंगे के दौरान कई हिंदू घरों में आग लगा दी गई। डर के चलते हिंदू परिवारों ने यहां से पलायन कर दिया और हिंदू आबादी वाले इलाके में बस गए। उन्होंने बताया कि पहले इस मंदिर में भजन कीर्तन हुआ करता था।
मंदिर के बराबर में ही एक कुआं है। जिसको अकील अहमद ने पाट दिया। मंदिर मुस्लिम आबादी में होने के चलते उस पर कब्जा कर मकान में मिला लिया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मंदिर के बारे में पूरी जानकारी ली और मंदिर को पुनः पुराने स्वरूप में लौटाने की बात कही है। मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए कदम उठाने की बात कही। इसके साथ ही मंदिर के पास स्थित कुआं को भी साफ कराकर उसका सौंदर्यीकरण कराने को कहा है।