MP में अचानक मौसम बिगड़ा, 35 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

  
Last Updated:  दिसम्बर 28, 2024 " 11:05 पूर्वाह्न"

Bhopal: मध्य प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को सर्दी का असर कम होने के बाद शुक्रवार को मंदसौर, रतलाम, बड़वानी सहित कई जिलों में वर्षा हुई। साथ ही, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे।

मौसम विभाग ने शनिवार सुबह तक प्रदेश के अधिकतर जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। बादल बने रहने के कारण पूरे प्रदेश में रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।

इंदौर-उज्जैन संभाग में बारिश के साथ गिरे ओले- उधर अलग-अलग बनी मौसम प्रणालियों के असर से इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में शुक्रवार को वर्षा भी हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। रविवार के बाद मौसम साफ होने से एक बार फिर रात के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।

शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे- हवाओं के साथ लगातार आ रही नमी के कारण प्रदेश में बादल बने हुए हैं। इससे रात का तापमान बढ़ा हुआ है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे। साथ ही ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।

ओले भी गिरने की संभावना- इस दौरान जबलपुर एवं नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा भी बना रह सकता है। सोमवार से बादल छंटने के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट भी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को प्रदेश में रात का सबसे कम 11 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकार्ड किया गया।

ये मौसम प्रणाली सक्रिय- मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास मौजूद है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। पंजाब से लेकर अरब सागर तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात से होकर गुजर रही है।

अधिकतर इलाके में छाए बादल- मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हवाओं के साथ लगातार आ रही नमी के कारण प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल बने हुए हैं। साथ ही कहीं-कहीं वर्षा हो रही है।

28 दिसंबर का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को मध्य प्रदेश के कई इलाकों में ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिममें नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा में ओले और बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी का अनुमान है।

गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना-
शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे। साथ ही ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान जबलपुर एवं नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। सोमवार से मौसम साफ होने लगेगा। बादल छंटने पर एक बार फिर रात के तापमान में गिरावट होने के आसार हैं।

मंडी में उपज हुई गीली-
अंचल में शुक्रवार सुबह से कोहरा छाया रहा। दोपहर में कुछ देर धूप निकली, लेकिन शाम को मौसम ने करवट ली। मंदसौर, रतलाम और धार जिले में कई स्थानों पर वर्षा के साथ ओले गिरे। मंदसौर में तेज हवा से पेड़ गिरे और दुकानों के बोर्ड भी उड़ गए। खेतों में पानी भर गया।

मंडी में किसानों ने उपज को भीगने से बचाने की कोशिश की, लेकिन बचा नहीं पाए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्षा गेहूं, चना सहित अन्य फसलों के लिए लाभदायक होगी। अफीम के लिए नुकसानदायक हो सकती है। आलीराजपुर, बुरहानपुर और झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र में रिमझिम वर्षा हुई।

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