अमृत 2.0 में लापरवाही पर धामनोद में फूटा गुस्सा: पार्षद-नागरिक कलेक्टर दरबार पहुंचे, जांच और FIR की मांग
Last Updated: मई 13, 2026 " 09:08 पूर्वाह्न"
Ratlam : अमृत 2.0 में लापरवाही पर धामनोद में फूटा गुस्सा: पार्षद-नागरिक कलेक्टर दरबार पहुंचे, जांच और FIR की मांग
रतलाम(स्पष्ट खबर)। जिले के धामनोद नगर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 योजना के तहत 307 लाख रुपये की लागत से घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए बिछाई जा रही नवीन पाइप लाइन का कार्य गंभीर विवादों में घिर गया है। कार्य की घटिया गुणवत्ता और अवैज्ञानिक कार्यशैली को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं वार्ड पार्षद ने ठेकेदार व नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों पर भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
मंगलवार को जिला स्तरीय कलेक्टर जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 04 के पार्षद मदनलाल पाटीदार एवं धामनोद निवासी दशरथ पिता बलराम राव ने पहुंचकर अलग-अलग आवेदन पत्र सौंपे और तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग की।
घटिया निर्माण सामग्री: पाइप लाइन बिछाने में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
तकनीकी मापदंडों की अनदेखी: पाइपलाइन निर्धारित गहराई तक नहीं खोदी जा रही है।
आवासीय मकानों को क्षति: संकरी गलियों में भारी जेसीबी ब्रेकर मशीन से सीसी रोड तोड़ने के कारण नागरिक दशरथ राव का 18-20 वर्ष पुराना दो मंजिला पक्का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान में बड़ी दरारें आने से परिवार ने डर के कारण घर खाली कर दिया है।
जनसुविधाएं बाधित: खुदाई के दौरान मौजूदा भूमिगत पेयजल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से क्षेत्र में जल आपूर्ति बाधित हो रही है।
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: खुदाई स्थलों पर कोई बैरिकेडिंग या सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। धूल-मलबे से नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही हैं।
नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांगें:
पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी समिति से जांच कराई जाए।
क्षतिग्रस्त मकानों का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
शासन को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई ब्याज सहित दोषी ठेकेदार से वसूली जाए।
लापरवाह ठेकेदार एवं मिलीभगत करने वाले नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
भविष्य में संकरी गलियों में बड़ी मशीनों के स्थान पर केवल छोटी मशीनों से ही खुदाई कार्य कराया जाए।
इस गंभीर मामले को लेकर आक्रोशित नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पुलिस चौकी धामनोद, नगर परिषद धामनोद, जिला प्रशासन रतलाम, राज्य शासन भोपाल तथा केंद्र सरकार तक लिखित शिकायतें प्रेषित की जा चुकी हैं। साथ ही CM हेल्पलाइन 181 पर भी अनेक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। जनसुनवाई में आए आवेदनों पर सीएमओ धामनोद को तथ्यों के साथ जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है।