भोपाल से मंदसौर हाइवे समेत MP में बन रहे 5 ग्रीन फील्ड कॉरिडोर, सरकार खर्च कर रही 63296 करोड़ रुपए से ज्यादा
Last Updated: नवम्बर 7, 2026 " 09:12 पूर्वाह्न"
भोपाल से मंदसौर हाइवे समेत MP में बन रहे 5 ग्रीन फील्ड कॉरिडोर, सरकार खर्च कर रही 63296 करोड़ रुपए से ज्यादा
भोपाल(स्पष्ट खबर)। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सड़क नेटवर्क को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में प्रदेशभर में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए 5 नए ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण पर आम सहमति बन गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 63 हजार 296 करोड़ रुपये आंकी गई है
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर छोटे-बड़े गांव और शहर को मुख्य सड़कों के नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे आवागमन सुगम हो सके. इस योजना के तहत स्टेट हाइवे से लेकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तक के कनेक्टिविटी नेटवर्क को बेहद मजबूत किया जाएगा. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कों के जाल से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा. इन पांचों प्रमुख ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के माध्यम से राज्य के दूर-दराज के इलाकों की राजधानियों और बड़े महानगरों से दूरी कम होगी।
इन प्रस्तावित पांचों ग्रीन फील्ड कॉरिडोर और उनकी लंबाईः
भोपाल से मंदसौर: इस कॉरिडोर की लंबाई 258 किलोमीटर होगी. इसके लिए वर्तमान में फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है. सागर से सतना: विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र को जोड़ने वाले इस 227 किलोमीटर लंबे मार्ग पर काम जारी है. जबलपुर से आशापुर: यह कॉरिडोर 358 किलोमीटर का होगा, जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है. भोपाल से ग्वालियर: मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला यह मार्ग 320 किलोमीटर लंबा होगा, जिसके लिए डीपीआर कंसल्टेंट का चयन करने हेतु टेंडर जारी कर दिए गए हैं. कटनी से सिंगरौली: इस औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े 235 किलोमीटर लंबे मार्ग के लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना से न केवल ट्रैवल का समय बचेगा, बल्कि सड़क हादसों में कमी आएगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद मध्य प्रदेश देश के सबसे बेहतर सड़क नेटवर्क वाले राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर लेगा।