पंचतत्व में विलीन हुए योगी के पिता आनंद सिंह; बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, सीएम त्रिवेंद्र व विधानसभा अध्यक्ष समेत अन्य ने किया नमन
Last Updated: अप्रैल 21, 2020 " 08:53 पूर्वाह्न"
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का मंगलवार सुबह उत्तराखंड के यमकेश्वर के फूलचट्टी अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया। सीएम योगी के बड़े भाई मानेंद्र बिष्ट ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सांसद तीरथ सिंह रावत, बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, धन सिंह रावत, उप्र मुख्यमंत्री के ओएसडी राज भूषण आदि लोग उपस्थित हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बता दें कि, लॉकडाउन के चलते सीएम योगी ने अंतिम संस्कार में शामिल होने पर असमर्थता जताई थी।
निधन की खबर पाकर नम हो गई थी सीएम की आंखें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट (89) का सोमवार सुबह 10:44 बजे दिल्ली एम्स में निधन हो गया था। लीवर और किडनी में समस्या के कारण उन्हें 13 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था। लेकिन मल्टीपल ऑर्गन फेल होने से रविवार देर रात हालत ज्यादा बिगड़ गई। आनंद सिंह का अंतिम संस्कार मंगलवार को उत्तराखंड स्थित पैतृक गांव पंचूर में किया गया। जब यह खबर आई तो योगी मीटिंग ले रहे थे। उनकी आंखें नम हो गईं। लेकिन उन्होंने मीटिंग जारी रखा। इसके बाद उन्होंने पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा था कि वे यूपी में कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण पिता के अंतिम दर्शन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने परिवार से अपील की है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अंतिम क्रिया संपन्न कराएं।
पिता को श्रद्धांजलि दी, फिर शुरू की मीटिंग हर दिन की तरह योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर मंगलवार को भी कोविड-19 की टीम इलेवन के साथ बैठक की। उन्होंने दो मिनट का मौन रखकर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। फिर सीनियर अफसरों के साथ मीटिंग शुरू की। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने परिवार को एक मार्मिक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा- ‘अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता थे। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, लेकिन कोरोनावायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को यूपी की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्यबोध के कारण मैं नहीं पहुंच सका। कल (21 अप्रैल) अंतिम संस्कार में लॉकडाउन की सफलता और कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं। अपील करता हूं कि अंतिम संस्कार में कम से कम लोग शामिल हों। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।’
सीएम ने खड़े होकर दो मिनट का मौन धारण किया और पिता को श्रद्धांजलि दी।
वन विभाग से रिटायर हुए थे आनंद सिंह
योगी के पिता आनंद सिंह उत्तराखंड के गढ़वाल जिले के यमकेश्वर के पंचूर गांव के रहने वाले थे। वे वन विभाग में रेंजर थे। 1991 में सेवानिवृत्त हुए थे।आदित्यनाथ के बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट है। उन्होंनेबचपन में ही परिवार छोड़ दिया था और गोरक्षनाथ मंदिर के महंत औरनाथ संप्रदाय के संत अवेद्यनाथ के पास चले गए थे। बाद में अवेद्यनाथ की जगह योगी आदित्यनाथ ने ली। योगी आदित्यनाथ चुनाव के सिलसिले में उत्तराखंड जाते थे तो परिवार उनसे मिलने आता था।