भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कलेक्टर के ऊपर हेड ऑफ द डिस्ट्रिक्ट अप्वॉइंट

  
Last Updated:  मई 30, 2020 " 07:32 पूर्वाह्न"

भोपाल: लॉक डाउन 4.0 खत्म होने को आ गया लेकिन इंदौर, भोपाल और उज्जैन में संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। तीनों जिलों में एक चौंकाने वाला ग्राफ बन गया है। जिसमें कोई कमी नहीं आ रही। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों को बदल कर देख लिया, कोई फायदा नहीं हुआ। मंत्रियों को प्रभार दिया फिर भी कोई लाभ नहीं हुआ। अब तीनों जिलों में कलेक्टर के सिर पर एक और सीनियर आईएएस अपॉइंट कर दिया गया है। आप सरलता से समझने के लिए उन्हें ‘हेड ऑफ द डिस्ट्रिक्ट’ कह सकते हैं।

कोरोना के मामलों में कलेक्टर ‘HoDt’ के अंडर काम करेंगे

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिस्टम बनाया आएगी भारतीय प्रशासनिक सेवा के यह सीनियर अफसर सभी हॉटस्पॉट जिलों की मॉनिटरिंग कर व्यवस्था निर्धारित करेंगे। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (ACS) स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान को इंदौर, प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई भोपाल और प्रमुख सचिव संजय शुक्ला को उज्जैन का जिम्मा सौंपा गया है।  ये तीन आईएएस अफसर अब रेड जोन के जिलों में कोरोना संक्रमण से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। यानी तीनों जिलों के कलेक्टर को गाइड करेंगे।

तीनों जिलों की कोरोना वायरस रिपोर्ट 

इंदौर में कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 3400 के पार हो चुकी है। 126 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है और 1545 मरीज अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। चिंता वाली बात यह है कि लगातार हर रोज 50 से लेकर 100 के बीच में नए पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। भोपाल में कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1395 है। 54 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। संतोषजनक स्थिति है कि मात्र 438 अस्पतालों में है बाकी डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन चिंता की बात यह है कि हर रोज औसत 25 पॉजिटिव मामले सामने आते हैं। यह ग्राफ गिरने का नाम ही नहीं ले रहा। उज्जैन में कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 658 है। 55 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। उज्जैन में मृत्यु दर पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। 301 मरीज अभी भी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। यहां भी चिंता की बात आएगी हर रोज लगभग 20 पॉजिटिव मामले सामने आते हैं।

 1,783 total views

Facebook Comments

Related Posts

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *