जब हाईकोर्ट ने आरक्षण को स्थगित कर दिया है तब क्या फैसले से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं?
Last Updated: मार्च 18, 2021 " 06:30 अपराह्न"
रतलाम| नगरीय निकाय चुनाव कराये जाने की तारीखों की घोषणा के पूर्व ही मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए किए गए आरक्षक पर स्थगन आदेश जारी किया जाने पर नगरीय निकाय चुनाव टल गए हैं लेकिन राजनीतिक गलियारों की खबरें एवं राजनीति के जानकारों के हवाले से खबरें है कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव जल्द होगें वहीं चुनाव आयोग चुनाव कराने की तैयारियां कर रहा है जिस से भी प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव जल्द होने की संभावनाओं को बल मिल रहा है|
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर एवं इंदौर बेंच ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए किए गए आरक्षण पर स्थगन आदेश जारी किया है और सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है, इस सबके बीच मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग चुनाव कराने की तैयारियों में जुटा हुआ है। चुनाव के लिए कलेक्टरों की ट्रेनिंग का कार्यक्रम भी 18 मार्च को सम्पन्न हो गया है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय निकायों के आम निर्वाचन 2021 की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिये 18 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में स नाम निर्देशन-पत्रों की प्राप्ति, संवीक्षा, प्रतीक आवंटन और आदर्श आचरण संहिता के बारे में जानकारी दी गई
सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग श्री दुर्ग विजय सिंह द्वारा जारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी, अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और दो जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स भी उपस्थित थें|
सवाल यह है कि जब हाईकोर्ट ने आरक्षण को स्थगित कर दिया है तब क्या फैसले से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि हाईकोर्ट ने आरक्षण पर स्थगन आदेश जारी किया है चुनाव प्रक्रिया पर नहीं। इसलिए यदि राज्य निर्वाचन आयोग चाहे तो पुराने आरक्षण पर चुनाव कराए जा सकते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के चुनाव पर चैलेंज होने के बावजूद वह जनप्रतिनिधि बना रहता है जब तक कि कोर्ट चुनाव को शून्य घोषित ना कर दे।