MP मंत्रि-परिषद ने 32 हजार करोड़ की योजनाओं को दी मंजूरी, कवच योजना से 5 हजार किसानों को मिलेगी राहत
Last Updated: अगस्त 4, 2026 " 09:46 अपराह्न"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा और डिजिटल अधोसंरचना पर बड़ा जोर
भोपाल, 4 अगस्त(स्पष्ट खबर )।प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सहकारिता विभाग की बहुप्रतीक्षित “कवच योजना” को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, ई-गवर्नेंस को मजबूती और जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कवच योजना: 5 हजार से अधिक किसानों को नई शुरुआत मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की “कवच योजना” को अनुमोदित किया। यह योजना उन लगभग 5 हजार किसानों के लिए है जिनके ऋण खातों में गड़बड़ियां होने और जांच में देरी के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
निर्णय के अनुसार, प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये तक की निधि निर्मित की जाएगी। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी एकमुश्त उपलब्ध कराएगी। इससे पात्र किसानों को मुख्यधारा में लाकर नया ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को 28 हजार करोड़ से अधिक आगामी 5 वित्तीय वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कई बड़ी स्वीकृतियां दी गईं
जिला एवं सिविल अस्पताल संचालन: जिला और सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रुपये स्वीकृत। इससे रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और परिवार कल्याण कार्यक्रमों को बल मिलेगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल: स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 11,812.02 करोड़ रुपये। उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों को निःशुल्क उपचार, दवा और भोजन उपलब्ध होगा।
PM-ABHIM मिशन: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के निरंतर संचालन के लिए 2,448.79 करोड़ रुपये। इसके तहत जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक व इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित की जाएंगी।
वेक्टर जनित रोग नियंत्रण: मलेरिया सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये स्वीकृत। इसमें नए कीटनाशकों का उपयोग किया जाएगा।
खेल अधोसंरचना के लिए 2,460 करोड़ प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग की “स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना” के लिए 2,460.57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाली इस योजना के तहत प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना का निर्माण और उन्नयन होगा। जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम के साथ 313 विकासखंडों में से लगभग 100 स्थानों पर नए स्टेडियम बनाए जाएंगे और खिलाड़ियों के लिए स्थाई खेल उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन को 1,099 करोड़ ई-गवर्नेंस को मजबूती देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099.58 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
एमपीएसईडीसी द्वारा संचालित यह सेंटर शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण डेटा का सुरक्षित संग्रहण करेगा। विभिन्न विभागों की वेबसाइट, पोर्टल, एमआईएस और ईमेल सेवाओं के लिए साझा, सुरक्षित और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराकर “डिजिटल इंडिया मिशन” को राज्य स्तर पर मजबूती मिलेगी।
जनजातीय शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए बड़ा फैसला लिया। सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का अनुमोदन किया गया।
मंत्रि-परिषद के इन निर्णयों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी, किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा, युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी और शासकीय सेवाएं और तेज होंगी।