पेंशन फर्जीवाड़े पर सरकार का एक्शन, अपात्र लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रिकवरी होगी

  
Last Updated:  सितम्बर 2, 2024 " 03:50 अपराह्न"

Jaipur News: राजस्थान के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े पर भजनलाल (bhajanlal) सरकार एक्शन में है फर्जी पेंशनधारियों के खिलाफ अब सरकार कार्रवाई करेगी सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने फर्जीवाड़ा करने वाले अपात्र लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।

आधार में गड़बड़ी से फर्जीवाड़ा
पेंशन योजना में फर्जीवाड़ा सामाजिक न्याय विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ है विभाग चाहकर भी फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से कंट्रोल नहीं कर पा रहा इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि जो डिटेल आधार या जनाधार में होगी, वहीं को वेरीफाई कर पेंशन जारी की जाती है लेकिन पेंशनधारियों के फर्जीवाड़े की असली जड आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा है।

सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग इस असल जड को खत्म करने के लिए DOIT को खत लिखेगा, ताकि फर्जीवाड़े पर लगाम लगे सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि जैसे भी शिकायतें आती है, उस पर तुंरत कार्रवाई होती है लेकिन 90 लाख पेंशनधारियों का क्रॉस वेरीफाई करना आसान नहीं होगा।

नागौर में हुए फर्जीवाड़े पर अब सामाजिक न्याय विभाग उन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा, जिन्होंने बुजुर्ग, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं का हक छीना साथ ही प्रशासन रिकवरी की कार्रवाई करेगी हालांकि ये पहली बार नहीं है जब पेंशन के नाम पर पात्र व्यक्तियों का हक छीना हो,बल्कि इससे पहले भी बहुत मामले सामने आए है. तत्कालीन सचिव डॉ.समित शर्मा ने आईटी के जरिए 1,13,000 राज्य के बाहरी लोगो अपात्र पेंशनधारियों को पकड़ा था लेकिन फिर भी फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना आसान नहीं होगा।

पहले इतकी चोरी पकड़ चुके
इसके अलावा 6416 कोरोना में मौत के बाद परिजन फर्जी पेंशन ले रहे थे वहीं 34,444 सरकारी कर्मचारी के परिजन वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेते रहे इतना ही नहीं 4729 सरकारी कर्मचारी खुद नियमों को दरकिनार कर योजना के लाभार्थी बने।

50 हजार पेंशनधारियों का इनकम का कोई क्राइटेरिया नहीं था. 3210 का जन आधार कार्ड ही नहीं थे. 93,376 डुप्लीकेट पेंशनर्स थे. इन सबकी पेंशन बंद की गई है, जिसके बाद 94 लाख 22 हजार पेंशनधारियों को पेंशन मिल रही थी, जो अब घटकर 90,29,738 तक पहुंच गई है लेकिन अभी फर्जीवाड़े पर लगाम लगना बाकी है।

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